उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 24 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कुछ को महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती
उत्तर प्रदेश सरकार ने a major प्रशासनिक फेरबदल की घोषणा की है, जिसके तहत 24 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसके साथ ही कई जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं, जिससे राज्य के administrative ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।
कुछ अधिकारियों को नए जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि दूसरों को key departments में तैनात किया गया है। अविनाश कुमार अब गाजीपुर की जगह अलीगढ़ के डीएम होंगे। अरविंद सिंह, जो पहले अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त थे, को एटा का जिलाधिकारी बनाया गया है।
अमित आसेरी को बांदा, अंकुर लाठर को फर्रूखाबाद, कविता मीना को हापुड़, ईशा प्रिया को अम्बेडकर नगर और चर्चित गौड़ को सोनभद्र का डीएम नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों में public impact की संभावना है, खासकर सेवा वितरण और भूमि विवादों के मामलों में।
इस फेरबदल में कुछ अहम नाम भी शामिल हैं। अयोध्या के मौजूदा डीएम निखिल टीकाराम फुंडे को अब विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, हापुड़ के पूर्व डीएम अभिषेक पांडेय को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त (राजस्व परिषद) के पद पर पदोन्नत किया गया है। इस तरह के personnel decisions प्रशासन के daily functioning पर सीधा असर डालते हैं।
अलीगढ़ जैसे जिले में कानून व्यवस्था हमेशा चुनौती रही है। नए DM के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।
क्या ये सभी तबादले performance-based प्रदर्शन आधारित हैं या राजनीतिक दबाव में लिए गए फैसले?
फुंडे को विशेष सचिव बनाना एक स्पष्ट संकेत है कि अयोध्या के प्रशासन पर केंद्रित ध्यान जारी रहेगा।
भूमि व्यवस्था आयुक्त के पद पर तैनाती long-term impact लंबे समय तक असर डालेगी, खासकर राजस्व सुधारों में।
इतने सारे DM बदलने से public services जन सेवाओं में अस्थिरता आएगी। नए अधिकारियों को समझने में समय लगेगा।
हापुड़ में अब तक काम अच्छा चल रहा था, डीएम बदलने का real reason असली कारण क्या है?
क्या इन तबादलों के लिए administrative cost प्रशासनिक लागत का अनुमान लगाया गया है? हर तबादले में पैसा लगता है।