UP Weather Today, 21 April: प्रयागराज-वाराणसी सबसे गर्म, दिन के साथ रातें भी झुलसा रहीं, 26 जिलों में हीटवेव चेतावनी
उत्तर प्रदेश में 21 अप्रैल को गर्मी ने अपने peak पर पहुंचकर लोगों की daily routine को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। लखनऊ समेत कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि प्रयागराज और वाराणसी में पारा 44-45 डिग्री तक पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जिलों में heatwave alert जारी कर दिया है, जिसमें ऑरेंज स्तर की warning शामिल है। लोगों को न तो दिन में आम सक्रियता करने का मौका मिल रहा है, और न ही रात में ठंडक की उम्मीद करने का।
लखनऊ में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो normal से 3.1 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन पश्चिमी यूपी के मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में रात के तापमान 25-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण warm night की स्थिति बन गई है। इससे नींद भी प्रभावित हो रही है और लोगों को continuous गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पछुआ हवाओं के कारण नमी की कमी हुई है, जिससे heat index बढ़ गया है। लू चलने की संभावना अगले पांच दिनों तक बनी रहेगी। इस बीच, डिहाइड्रेशन और heat stroke का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और pre-existing conditions लोगों के लिए।
गर्मी के साथ बिजली और पानी के संकट ने स्थिति को और worsen कर दिया है। बढ़ती मांग के कारण बिजली कटौती की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि पानी की कमी लोगों की daily struggle में और दबाव डाल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल से हिमालयी क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के plains इलाकों पर इसका प्रभाव नगण्य रहने की संभावना है।
ऐसे में 26 अप्रैल तक तापमान में further increase की आशंका है। मौसम विभाग ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की advice दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे पानी अधिक पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें, और धूप में निकलते समय protective measures जैसे छाता या टोपी अपनाएं।
हमारे इलाके में तो बिजली 8 घंटे कट रही है। fan पंखा भी चलाना मुश्किल हो गया है।
सरकार कहती है public safety जन सुरक्षा पहली प्राथमिकता है, लेकिन गर्मी में बुजुर्गों के लिए कोई relief camp राहत शिविर नहीं दिख रहा।
लखनऊ में ऑफिस जाना बस एक survival test जीवित रहने का इम्तिहान बन गया है।
क्या इस स्थिति में पीने के पानी की आपूर्ति पर कोई official response आधिकारिक प्रतिक्रिया आएगी?
मेरठ में रात को 27 डिग्री है — no relief कोई राहत नहीं। ठंडी हवा का नामोनिशान तक नहीं।
इतनी गर्मी में बच्चों के लिए स्कूल क्यों नहीं बंद किए जा रहे? children's health बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में है।