अचानक सचिवालय के हर कक्ष का निरीक्षण करने पहुंचे CM सम्राट चौधरी, जनता को मिलने वाली है गुड न्यूज!
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अचानक secretariat के हर कक्ष का inspection किया, जिससे अटकलें बढ़ गई हैं कि जनता के दरबार का कार्यक्रम वापस लाया जा सकता है। दोपहर 12.30 बजे पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में पहुंचकर उन्होंने उस स्थान को personally देखा जहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आम लोगों से मिला करते थे। इस move ने न केवल अधिकारियों में हलचल मचाई, बल्कि जनता के बीच एक hope भी जगाई है।
मुख्यमंत्री ने केवल एक या दो कक्षों पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि every room का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों के कार्यस्थल, फाइलों के processing speed , और आम जन के आवेदनों के निपटारे की प्रणाली पर भी detailed inquiry ली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के साथ उनकी discussion जारी रही।
इस निरीक्षण के दौरान, सम्राट चौधरी ने न केवल प्रशासनिक efficiency को जांचा, बल्कि यह भी संकेत दिया कि वे लोगों के सीधे संपर्क में रहने के अपने promise पर अमल करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ policy process पर विचार-विमर्श किया, जिसमें प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
सचिवालय के बाद, मुख्यमंत्री तख्त हरमंदिर साहिब गए, लेकिन उनका यह surprise visit अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कई जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनसे भेंट की और उन्हें welcome करते हुए पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री ने सभी के प्रति gratitude व्यक्त किया — एक सरल, लेकिन symbolic कार्य जो उनकी नई leadership style की ओर इशारा करता है।
एक तरफ फाइलों की गति की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ जनता के दरबार की घोषणा। क्या यह public pressure जन दबाव बनाने की रणनीति है?
अचानक निरीक्षण? यह तो साफ political signal राजनीतिक संकेत है कि नई सरकार लोगों के करीब है। पिछले मुख्यमंत्री की तरह दरबार वापस लाना अच्छी बात है।
स्वागत अच्छा लगा, लेकिन क्या यह सिर्फ publicity प्रचार है? असली परीक्षा तो फाइलों के response time प्रतिक्रिया समय में सुधार से होगी।
अधिकारियों के लिए यह दौरा warning चेतावनी जैसा था। अब कोई काम टाल नहीं सकता।
मैं तो बस इतना जानना चाहता हूं कि मेरी फाइल quickly तेजी से निपटेगी या नहीं।
हर नया मुख्यमंत्री शुरू में ऐसे ही कदम उठाता है। सवाल यह है कि क्या यह change बदलाव अस्थायी है या स्थायी?