मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फुल ऐक्शन में, अधिकारियों को दिए तेज रिजल्ट के निर्देश
बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद से ही full action नजर आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने उपमुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिव और अन्य senior officers के साथ बैठक की और साफ कहा: अब results चाहिए, सिर्फ योजनाएं बनाना काफी नहीं है।
उन्होंने implementation speed तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि जनता की complaints पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। खासकर police stations में आम आदमी की आवाज सुनी जाए और उस पर immediate action हो। यह निर्देश न केवल विकास की गति को लेकर है, बल्कि public trust को बहाल करने की दिशा में भी एक स्पष्ट संकेत है।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ strict action के साथ-साथ यह भी जोर दिया कि किसी भी स्तर पर नागरिकों को inconvenience न हो। उन्होंने secretariat के विभिन्न भागों का निरीक्षण भी किया और प्रक्रियाओं में efficiency लाने पर जोर दिया। यह स्पष्ट संकेत है कि वे नीतियों के execution पर खुद नजर रखेंगे।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर elected representatives और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। विधायकों और एमएलसी के साथ उनकी बैठकों में पार्टी एकता और governance के मुद्दे शामिल रहे। लोगों ने उन्हें welcome किया और उनके नेतृत्व में विश्वास जताया।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि बिहार इसके साथ खड़ा है। उन्होंने जेपी नारायण की प्रतिमा पर pay respects करने के साथ उनके सामाजिक सुधारों की विरासत को भी याद किया। यह कदम political posture के साथ-साथ सांस्कृतिक जड़ों को सम्मान देने का भी संकेत है।
अब तक तो हर सीएम आते हैं और speed स्पीड बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन क्या होता है? असली results रिजल्ट तब दिखेगा जब थाने में आम आदमी की बात सुनी जाए।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर stance खड़ा होना जरूरी था। बिहार की महिलाओं को representation प्रतिनिधित्व का अधिकार मिलना चाहिए।
सीएम का secretariat inspection सचिवालय निरीक्षण अच्छा कदम है। अक्सर ऊपर के officials अधिकारी नीचे की समस्याओं से अनजान रहते हैं।
जब तक corruption भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक governance शासन में सुधार नहीं आएगा। बयानबाजी काफी नहीं है।
आशा है कि यह pressure दबाव सिर्फ अधिकारियों तक ही नहीं, बल्कि जमीन पर impact असर भी दिखाएगा।
क्या police stations थानों में तुरंत कार्रवाई के लिए कोई monitoring system निगरानी तंत्र लागू होगा? बस निर्देश देने से कुछ नहीं होगा।