केरल में बीजेपी का खाता भी नहीं खुलेगा? शशि थरूर का NDA पर हमला, बिना मसौदे के कैसे लागू होगा महिला बिल

क्या केरल में बीजेपी का खाता भी नहीं खुलेगा? कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सीधे तौर पर NDA पर हमला बोला है और कहा कि वहां गठबंधन की political credibility शून्य है। 140 सीटों वाले राज्य में थरूर का दावा है कि एनडीए केवल दो-तीन सीटों पर ही किसी तरह की electoral contest लड़ सकता है।

महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके सिद्धांत का समर्थन करती है, लेकिन implementation mechanism को लेकर गहरी concern है। उन्होंने याद दिलाया कि यह बिल पहले यूपीए सरकार के दौरान राज्यसभा में पारित हुआ था, और बाद में एनडीए के दौरान लोकसभा में भी सर्वसम्मति से पास हुआ। लेकिन अब सरकार new session की घोषणा कर रही है, जबकि बिल का draft अभी तक सामने नहीं आया है।

थरूर ने पूछा कि बिना draft के बिल कैसे लागू किया जाएगा? मीडिया में speculation लगातार चल रही हैं, लेकिन बिना असली दस्तावेज़ के किसी भी impact assessment करना असंभव है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह कानून संसद के कामकाज या देश की federal structure को प्रभावित करेगा?

सबरीमाला मुद्दे पर थरूर ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि लोगों की faith से जुड़ा मामला है। जब मूर्तियों का सोना चोरी होता है, तो यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि भावनात्मक चोट भी है। उन्होंने इसे shameful crime बताया और दोषियों को strict punishment की मांग की।

थरूर ने यह भी कहा कि इस मामले में सभी दल एकमत हैं — सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार सहित। ऐसे में किसी भी पार्टी को राजनीतिक advantage उठाने का मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि गुस्सा public के बीच सामूहिक है। अंतिम decision चुनाव में जनता के हाथ में होगा।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • सच्चा_तिरुवनंतपुरम

    यही तो सवाल है — बिना मसौदे के बिल कैसे लागू होगा? ये तो democratic process के खिलाफ है।

  • राजेश_के

    थरूर कह रहे हैं कि एनडीए केरल में जीरो है, लेकिन क्या यूपीए की स्थिति वहां इतनी मजबूत है? राजनीतिक विश्वसनीयता तो दोनों तरफ डगमगा रही है।

  • मीना_एस

    महिला आरक्षण के मुद्दे पर बहस जरूरी है, लेकिन बिना जानकारी के कोई informed decision नहीं लिया जा सकता।

  • प्रकाश_सी

    सबरीमाला में चोरी कोई छोटी घटना नहीं है। यह हमारी collective faith के साथ खिलवाड़ है।

  • अमित_वारियर

    एनडीए की कमजोरी के बारे में बात करना आसान है, लेकिन क्या कांग्रेस ने केरल में कोई strong alternative पेश किया है?

  • लतिका_पी

    सबकुछ जनता के हाथ में है, लेकिन क्या जनता को complete information दी जा रही है? यही असली सवाल है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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