संजू सैमसन: टीम से बाहर रहने के बाद भी बने आईसीसी के 'प्लेयर ऑफ द मंथ'

मार्च 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज player संजू सैमसन को आईसीसी ने पुरुष खिलाड़ी ऑफ द मंथ के पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें टी20 विश्व कप 2026 में उनके बेहतरीन performance के लिए मिला, जहां उन्होंने शुरुआत में तो प्लेइंग 11 में जगह नहीं बना पाए थे, लेकिन बाद में भारत के लिए टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण मैचों में निर्णायक impact छोड़ा।

सैमसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 46 गेंदों पर 89 रन की आक्रामक पारी खेलकर भारत को लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जिताने में अहम contribution दिया। इससे पहले, उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 और इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन बनाए। पूरे टूर्नामेंट में उनका average 137.50 और strike rate 199.27 रहा, जिसमें तीन मैचों में कुल 275 रन शामिल थे।

इस बड़े मौके पर उनका चयन पहली बार हुआ है, जो उनके लंबे संघर्ष और लगातार pressure के बावजूद आत्मविश्वास बनाए रखने की कहानी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके करियर के सबसे unforgettable दौर में मिला है और भारत के लिए विश्व कप जीतना एक dream के साकार होने जैसा था।

इस उपलब्धि का मतलब है कि पिछले पांच महीनों में आईसीसी का यह पुरस्कार अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के नाम रहा है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के नाम शामिल हैं। इससे यह साफ होता है कि टी20 क्रिकेट में global talent का दौर चल रहा है, जहां consistent performance करने वाला ही शीर्ष पर पहुंच पाता है।

महिला वर्ग में न्यूजीलैंड की कप्तान मेली केर ने भी इस पुरस्कार को तीसरी बार जीता। जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे श्रृंखला में 16 विकेट लेने और 140 रन बनाने के बाद उनका all-round performance निर्णायक रहा। इस तरह, आईसीसी ने दोनों वर्गों में outstanding contribution करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • क्रिकेटवीर

    जब शुरुआत में टीम में जगह नहीं मिल रही थी, तब भी संजू ने mental strength नहीं खोई। यही असली चैंपियन बनाता है।

  • रवि_नागपुर

    97 और फिर 89... ये आंकड़े सिर्फ रन नहीं, बल्कि pressure situation में दिमाग की ताकत दिखाते हैं।

  • स्नेहा_जी

    इतने सालों बाद संजू को मौका मिला और उन्होंने मौके को भुनाया। यही तो खेल का जादू है।

  • बालाजी

    strike rate 199? यानी हर गेंद पर डेढ़ रन। ये नॉर्मल नहीं, ये धमाकेदार है।

  • माया

    आईसीसी का ये फैसला well-deserved खिलाड़ी के नाम है। कोई बहस नहीं।

  • विक्रम_एस

    मेली केर का तीसरा पुरस्कार? वो अब dominate स्थापित कर रही हैं। टूर्नामेंट में उनके बिना मैच अधूरा लगता है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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