करोड़ों की G-Class EV में ढीले हुए पहिए के बोल्ट: मर्सिडीज ने 3734 गाड़ियां वापस बुलाईं

संकट छोटी बात से शुरू होता है। लक्ज़री कारों में आमतौर पर उम्मीद होती है कि हर छोटी चीज़ perfect होगी — चाहे वह डैशबोर्ड की चमक हो या इंजन की गरज। लेकिन क्या हो जब उसी कार के wheel को पकड़े हुए नट-बोल्ट सिर्फ कुछ ही महीनों में ढीले पड़ने लगें? यही हुआ है मर्सिडीज-बेंज की फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक एसयूवी G-Class G580 के साथ, जिसकी कीमत लाखों में है और जिसे पूरी दुनिया में मस्कुलर डिज़ाइन और रफ्तार के लिए जाना जाता है।

अमेरिका में, कंपनी ने रिकॉल का ऐलान किया है — 3,734 electric G-Class G580 को वापस मंगाया जा रहा है। reason ? पहियों को जोड़ने वाले bolts समय के साथ loosen हो सकते हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है: एक ढीला पहिया accident की ओर सीधे ले जा सकता है। और यहां तक कि अगर अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है, तो भी यह खतरा safety के हर मानक को चुनौती देता है।

परेशानी की जड़ में है एक सरल लेकिन घातक भूल। मर्सिडीज ने इलेक्ट्रिक G-Class में वही बोल्ट्स इस्तेमाल किए, जो उसकी पेट्रोल वाली G-Class में सालों से काम कर रहे थे। लेकिन इलेक्ट्रिक कारें heavier होती हैं, और उनके मोटर्स टॉर्क तुरंत छोड़ते हैं — यानी पहियों पर तत्काल दबाव पड़ता है। पुराने बोल्ट इस नए तनाव को नहीं झेल पाए। कंपनी ने स्वीकार किया कि उसने इलेक्ट्रिक वर्जन के weight और पावर डिलीवरी को पूरी तरह कम आंका

इस विफलता का सबसे बड़ा विडंबना यह है कि G-Class खुद को एक अजेय ऑफ-रोडर के तौर पर बेचती है। लेकिन जहां यह ऊबड़-खाबड़ इलाकों पर चलने का दावा करती है, वहीं उसके अपने आधार में दरार आ गई है। हालांकि, मर्सिडीज का कहना है कि आम शहरी सड़कों पर चलाते समय यह समस्या दुर्लभ है। यह केवल तब उभरती है जब कार को चरम परिस्थितियों में चलाया जाए या पहिये बार-बार बदले जाएं।

फिर भी, कंपनी ने निवारक कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित मॉडल्स को वापस बुलाया है। अब ग्राहकों को डीलरशिप पर जाकर appointment लेनी होगी, जहां मैकेनिक पुराने बोल्ट्स को replace देंगे और नए, मजबूती से डिज़ाइन किए गए बोल्ट्स लगाए जाएंगे। और यह सब free of cost के होगा।

यह मामला सिर्फ एक रिकॉल नहीं है — यह इलेक्ट्रिक वाहनों की पारगमन अवधि में कंपनियों की बढ़ती चुनौतियों का प्रतीक है। पुराने इंजीनियरिंग मानक नए वाहनों के लिए हमेशा उपयुक्त नहीं होते। और एक गलती, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न लगे, लाखों रुपये की कार को कमजोर कर सकती है। अब सवाल यह है: क्या ग्राहक इस गलती के बावजूद ब्रांड पर trust बनाए रखेंगे?

टिप्पणियाँ 8

  • गाड़ीवाला_मोहन

    लक्ज़री कार खरीदने वाला हर इंसान सोचता है कि अब उसे कोई worry नहीं। पर यह खबर दिखाती है कि money डबल चेक होना चाहिए — खासकर जब बात safety की हो।

  • अंकल_तेंदुलकर

    3734 वाहन वापस बुलाना छोटी बात नहीं है। यह प्रतिष्ठा पर भी असर डालता है। मर्सिडीज को जल्दी कदम उठाने का श्रेय जरूर मिलना चाहिए, लेकिन सवाल उठता है: ऐसा कैसे हुआ?

  • टेकी_सोनू

    इलेक्ट्रिक कारों में टॉर्क तुरंत मिलता है, यह बात हर engineer जानता है। फिर भी, मर्सिडीज ने पुराने बोल्ट्स का इस्तेमाल किया? यह माफ़ नहीं किया जा सकता

  • मम्मी_ऑफ_टू

    मैं गाड़ियों में ज्यादा नहीं समझती, लेकिन अगर मेरे पहिए के बोल्ट ही ढीले हों, तो मैं कैसे बच्चों को drive में बैठाऊंगी? safety सबसे ऊपर होनी चाहिए।

  • बॉली_राज

    करोड़ों की गाड़ी में नट-बोल्ट ढीले? कॉमेडी लग रहा है। क्या यह कोई प्रोटोटाइप था जो गलती से market में आ गया?

  • सत्य_संदेश

    देखिए, हर कंपनी को गलतियां होती हैं। पर फर्क इसमें है कि वह जिम्मेदारी के साथ उन्हें fix करती है या नहीं। मर्सिडीज ने कम से कम इस मामले में सही कदम उठाया है।

  • ऑटो_अर्जुन

    मुझे याद है जब मेरे दोस्त की पुरानी जीप के पहिये रास्ते में निकल गए थे। वो बहुत scary था। इसलिए यह मामला serious है, चाहे कंपनी कहे कि खतरा कम है।

  • इवी_लवर

    मैं इलेक्ट्रिक कारों का प्रशंसक हूं, लेकिन ये खबर चेतावनी है। नई technology में अनुकूलन की गति के पीछे सुरक्षा सीमाओं को नहीं भूलना चाहिए।