एक रन, पांच बार आउट: पूरन ने बनाया वो रिकॉर्ड जिसे कोई नहीं चाहता
क्रिकेट के सबसे तेज़ फॉर्मेट में एक moment में नायक भी बन सकते हैं और बदनाम भी। लेकिन जब कोई खिलाड़ी जो पिछले सीज़न में छक्कों का राजा कहलाता था, आज एक ऐसे रिकॉर्ड के साथ जुड़ जाए जो उल्टा प्रकाश में लाए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। निकोलस पूरन का नाम अब T20 क्रिकेट के सबसे flop बल्लेबाज़ों में दर्ज हो चुका है — वो भी सुपर ओवर में। आईपीएल 2026 के एक मैच ने उनकी इस अजीब उपलब्धि को और गहराई दे दी है।
लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए मैच में केकेआर ने 155 रन बनाए, रिंकू सिंह की नाबाद 83 रन की पारी के दम पर। लखनऊ ने अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर मैच को tie करा दिया, जिससे सुपर ओवर का दृश्य तैयार हुआ। लेकिन जब लखनऊ ने पहले बल्लेबाज़ी की, तो उनका स्कोर सिर्फ एक रन रहा। निकोलस पूरन ने पहली ही गेंद पर विकेट गंवा दिया। यह आईपीएल के इतिहास में lowest रन वाला सुपर ओवर बन गया।
अब तक के अपने T20 करियर में पूरन ने पांच बार सुपर ओवर में बल्लेबाज़ी की है — और पांचों बार वह आउट हुए। तीन बार तो वह सिर्फ पहली गेंद पर ही पवेलियन लौट गए। उनके 10 गेंदों के सामने का नतीजा: महज एक रन। यह आंकड़ा शर्मनाक है, खासकर उस खिलाड़ी के लिए जिसने दुनिया भर की लीगों में 716 छक्के जड़े हैं। उनके बल्ले से सिर्फ इस सीज़न में 4 boundary पार और 5 चौके निकले हैं — जबकि पिछले सीज़न उन्होंने 40 छक्के और 45 चौके लगाए थे।
आईपीएल 2026 में पूरन ने 8 मैचों में 82 रन बनाए, 10.25 के औसत और 81.19 के स्ट्राइक रेट पर। उनका सर्वाधिक स्कोर सिर्फ 22 रन रहा। वहीं, करियर भर में वह 146.99 के स्ट्राइक रेट से 10,453 रन बना चुके हैं। यह विरोधाभासी performance क्रिकेट के तनाव और फॉर्म की नाजुकता को दिखाता है। जिसे लखनऊ ने 21 करोड़ में रिटेन किया, वह आज एक record के लिए चर्चा में है — लेकिन वह रिकॉर्ड उनके लिए गौरव का नहीं, बल्कि निराशा का है।
रिंकू सिंह ने केकेआर के लिए सुपर ओवर में पहली गेंद पर चौका मारकर जीत पक्की की, जिसने मैच के नाटकीय मोड़ को पूरा किया। लेकिन सबकी नज़रें उस एक खिलाड़ी पर टिक गईं जिसने सबकुछ खत्म कर दिया — निकोलस पूरन। एक ऐसा खिलाड़ी जिसके बल्ले में दुनिया भर में छक्के छूटते हैं, वह आज एक ऐसे record के लिए जाना जाएगा जिसे कोई नहीं चाहता। क्रिकेट की नाटकीयता का यह एक और उदाहरण है — जहां उजाला और साया एक boundary से बंधे होते हैं।
एक player खिलाड़ी इतना बदल कैसे सकता है? पिछले सीज़न में तो वो गेंद को हवा में उड़ा देता था।
ये सुपर ओवर में पहली गेंद पर आउट होना तो मानसिक दबाव दिखाता है। टीम को मदद करनी थी और वो pressure दबाव में फंस गए।
अगर वो फॉर्म में नहीं हैं, तो बल्लेबाज़ी क्रम बदला जाना चाहिए था। क्यों स्टार खिलाड़ियों को हमेशा पहले सुपर ओवर में भेजा जाता है?
देखना तो ये है कि वो अगले मैच में क्या करते हैं। एक खराब प्रदर्शन के आधार पर उन्हें label लेबल नहीं लगाना चाहिए।
1 रन सुपर ओवर में? ये तो आईपीएल की नई इतिहास की काली किताब में जाएगा।
पूरन ने 716 छक्के मारे हैं, लेकिन आज तक कोई नहीं पूछता कि वो कितनी बार पहली गेंद पर आउट हुए।
उनका स्ट्राइक रेट 81 है — जो T20 में बहुत low कम है। एक फिनिशर के लिए ये बहुत बड़ी समस्या है।
रिंकू ने चौका मारकर जीत दिलाई, लेकिन याद रहेगा पूरन का विकेट। एक moment पल ने सब कुछ बदल दिया।