यूपी चुनाव में महिला आरक्षण लागू करे सरकार, विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस का पलटवार

उत्तर प्रदेश की आगामी assembly elections के मद्देनजर महिला reservation को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। कांग्रेस ने बीजेपी के लखनऊ में आयोजित महिला आरक्षण मार्च के बाद पलटवार करते हुए सरकार से मांग की है कि वह विशेष legislative session बुलाकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण विधेयक लागू करने का proposal रखे। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने स्पष्ट किया कि अगले साल होने वाले चुनावों में न्यायोचित representation सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार विशेष सत्र बुलाती है, तो कांग्रेस पार्टी इस प्रस्ताव को पारित कराने में support करेगी और फिर पारित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सांसद प्रणीति शिंदे ने भी जोर देकर कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण law को भाजपा को तत्काल प्रभाव से लागू करना चाहिए, खासकर 543 लोकसभा सीटों पर। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला आरक्षण के नाम पर केवल show कर रही है, वास्तविक action नहीं कर रही।

इसके जवाब में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में 'जन आक्रोश पदयात्रा' का नेतृत्व किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, राज्यसभा सांसद अरुण सिंह और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित हजारों महिलाओं ने भाग लिया। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने 17 अप्रैल को संसद में आरक्षण विधेयक को defeat की कोशिश की थी और बाद में तालियां बजाकर खुशी मनाई।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह प्रदर्शन देश की आधी आबादी द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से injustice के खिलाफ आवाज उठाने का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'महिला, गरीब, युवा और किसान' को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन में positive change लाने का दावा किया।

इस तनावपूर्ण political climate में, अगले चुनावों से पहले महिला आरक्षण एक केंद्रीय मुद्दा बनता जा रहा है। जनता देख रही है कि कौन सचमुच महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़ा है और कौन केवल राजनीतिक rhetoric का सहारा ले रहा है।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • नीतू_लखनऊ

    क्या वाकई सरकार एक विशेष सत्र बुलाएगी? political will तो दिखनी चाहिए।

  • संजय_प्रयाग

    बीजेपी ने आरक्षण विधेयक के खिलाफ वोट क्यों किया था फिर? अब public pressure देखकर बदल रहे हैं।

  • माँ_शक्ति

    महिलाओं के लिए न्याय चाहिए, नाटक नहीं। अगले चुनाव में हम सब मिलकर vote का इस्तेमाल करेंगे।

  • अमर_उजाला

    दोनों पार्टियां बस एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। कोई real action कब शुरू करेगा?

  • गोपाल_मिश्र

    आराधना मिश्रा ने अच्छा कहा। proposal तो रखना चाहिए, फिर देखते हैं सरकार क्या करती है।

  • प्रिया_कानपुर

    अगर आरक्षण लागू होता है, तो क्या ग्रामीण महिलाओं को भी fair chance मिलेगा?

  • बुद्धिजीवी

    इस सबके पीछे सिर्फ electoral math है। असली बदलाव कब आएगा?

  • राम_भरोसा

    मुख्यमंत्री जी के भाषण में emotional appeal जरूर थी, लेकिन कार्ययोजना कहां है?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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