ताइवान स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, चीन ने उतारा लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर, जापान से ठनी

ताइवान स्ट्रेट में चीन के लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती ने tensions को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है। यह पहली बार है जब इस साल कोई चीनी विमानवाहक पोत इस रणनीतिक जलमार्ग से passing है। इस कदम को जापान के विध्वंसक जहाज जेएस इकाजुची के ताइवान स्ट्रेट से गुजरने के तुरंत response के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों एशियाई शक्तियों के बीच समुद्री तनातनी और intensified हो गई है।

चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ने 20 अप्रैल को लियाओनिंग को ताइवान जलडमरूमध्य से गुजारा, जिसके साथ कम से कम पांच escort जहाज भी थे। इस ट्रेनिंग में गहरे समुद्र में एक महीने तक चलने वाली सैन्य operations का अभ्यास शामिल था। चीन का यह संदेश साफ है: वह अपनी सैन्य presence को लगातार बढ़ा रहा है और ताइवान के आसपास अपनी strategic क्षमताओं का प्रदर्शन जारी रखेगा।

जापानी अधिकारियों ने पिछले महीने चीन के J-15 लड़ाकू विमान के एक F-15 को 'लॉक' करने की घटना के बाद security को लेकर गहरी चिंता जताई थी। यह घटना ओकिनावा के दक्षिण-पूर्व में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई थी, जहाँ दोनों पक्षों के विमानों के बीच तनावपूर्ण टकराव हुए। चीन ने जेएस इकाजुची के गुजरने को provocation की कार्रवाई बताया और अपने युद्धपोत की तैनाती से दावे की पुष्टि की।

विशेषज्ञों का मानना है कि लियाओनिंग और शैनडॉन्ग जैसे जहाजों में नए J-15B लड़ाकू विमानों और इलेक्ट्रॉनिक अटैक जेट्स के एकीकरण से उनकी combat क्षमता में उल्लेखनीय enhancement हुई है। ये विमानवाहक पोत अब अमेरिकी नौसेना के बाहर के सबसे capable समूहों में गिने जाते हैं।

इस तरह की सैन्य गतिविधियाँ केवल चीन-जापान तनाव तक ही सीमित नहीं हैं। वैश्विक स्तर पर, जब होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है, तो ताइवान स्ट्रेट में यह escalation दबाव एक चिंताजनक pattern बन रहा है। एशिया में नौसैनिक शक्तियों के बीच rivalry की संभावना अंतरराष्ट्रीय stability के लिए एक गहरा खतरा बन सकती है।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • समुद्रदूत

    अगर दोनों तरफ के जहाज लगातार इस तरह patrolling करते रहे, तो एक छोटी सी गलतफहमी भी बड़े conflict में बदल सकती है।

  • महासागर

    जापान का भी अपना defense बजट बढ़ाने का समय आ गया है। चीन के साथ तालमेल बनाए रखना अब मुश्किल होता जा रहा है।

  • उत्तरज्योति

    ताइवान के लिए यह सीधे तौर पर एक security खतरा है। लेकिन अमेरिका की ओर से अब तक कोई स्पष्ट posture क्यों नहीं दिखी?

  • सागरराज

    हर बार एक जहाज के गुजरने पर दूसरा जहाज उतारना बस symbolic है। असली लड़ाई तो diplomacy के मैदान में होनी चाहिए।

  • प्रहरी

    चीन का यह move ताकाइची के बयान का सीधा जवाब है। वे दिखाना चाहते हैं कि वे किसी threat से नहीं डरते।

  • विश्लेषक24

    लियाओनिंग के साथ एस्कॉर्ट जहाजों की तैनाती एक clear संदेश है: चीन serious है।

  • राष्ट्रभक्त

    ताइवान पर चीन का दावा गलत है। ऐसी aggression को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को निंदा करनी चाहिए।

  • शांतिप्रिय

    जब तक दोनों पक्ष बातचीत से नहीं आते, तब तक यह cycle चलता रहेगा। युद्ध किसी के लिए benefit का नहीं होगा।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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