होर्मुज के बाद अब चीन पर क्यों नजर रख रहा US का सबसे महंगा जासूस ड्रैगन के खिलाफ कौन सी चाल चल रहे ट्रंप
अमेरिकी नौसेना का surveillance drone MQ-4C ट्राइटन अब चीन के खिलाफ एक रणनीतिक move के तौर पर सामने आ रहा है। यह ड्रोन क्यूबा के आसमान में चक्कर लगा रहा है, जो सीधे तौर पर चीन की energy supply पर नज़र रखने की कोशिश मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के बाद अमेरिका ने अब महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहां से चीन के लिए तेल की critical flow होती है।
MQ-4C ट्राइटन 55,000 फीट की ऊंचाई पर 24 घंटे से अधिक समय तक हवा में रह सकता है। इसकी कीमत लगभग 240 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपये) है, जो इसे अमेरिका का सबसे महंगा spy बनाती है। यह कैरेबियन सागर के ऊपर विशेष रूप से हवाना और जमैका चैनल के आसपास निगरानी कर रहा है। इसके advanced sensors व्यापारिक जहाजों की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख सकते हैं।
जमैका चैनल, युकाटन चैनल और विंडवर्ड पैसेज जैसे रास्ते पनामा नहर को अटलांटिक महासागर से जोड़ते हैं। ये मार्ग global trade के लिए बेहद अहम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इन रास्तों पर निगरानी के ज़रिए चीन के लिए एक strategic pressure बना रहा है। यह केवल जासूसी नहीं, बल्कि एक संदेश भी है कि अमेरिका चीन की maritime routes पर नज़र रख रहा है।
वेनेजुएला एक समय चीन के लिए तेल का प्रमुख स्रोत था, लेकिन अमेरिकी control के बाद यह आपूर्ति बंद हो गई। अब चीन रूस पर निर्भर है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण चीन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए मलक्का जलडमरूमध्य एक जीवनरेखा बन गया है। चीन का लगभग 80% समुद्री तेल इसी रास्ते से आता है।
अमेरिका की यह रणनीति ऐसे समय में आई है जब चीन की global posture तेजी से बदल रही है। ड्रोन के ज़रिए क्यूबा के पास निगरानी, होर्मुज पर नाकाबंदी और मलक्का के महत्व पर ज़ोर — ये सभी कदम एक larger chessboard की तरह दिख रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की इन चालों के पीछे चीन को strategic check लगाने की साफ कोशिश दिखती है।
अगर चीन के 80% तेल का आयात मलक्का से होता है, तो अमेरिका की निगरानी उसके लिए अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है।
2200 करोड़ का ड्रोन? यह सिर्फ surveillance निगरानी नहीं, बल्कि एक तरह का डरावना प्रदर्शन है।
क्यूबा के आसपास अमेरिकी spy जासूस ड्रोन... यह क्या दिखावा है? चीन को धमकाने की बजाय वैश्विक शांति के लिए कूटनीति क्यों नहीं?
अमेरिका ने वेनेजुएला पर नियंत्रण कर लिया, अब मलक्का पर नज़र... यह साफ है कि ऊर्जा चोकपॉइंट पर कब्जा ही असली लक्ष्य है।
विंडवर्ड पैसेज और युकाटन चैनल के बारे में कम लोग जानते हैं, लेकिन ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण maritime routes समुद्री मार्ग हैं।
क्या ट्रंप के ज़रिए अमेरिका चीन को आर्थिक रूप से strangle घेरने की कोशिश कर रहा है? यह खतरनाक खेल हो सकता है।