जन्म से बहरेपन का इलाज अब संभव! इस इंजेक्शन से लौटेगी बच्चों की सुनने की शक्ति
स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टिट्यूट में किए गए एक नए अध्ययन ने जन्म से बहरेपन के खिलाफ new hope जगाई है। अब ऐसे बच्चों को सुनने की natural ability लौट सकती है, जिन्हें जीन में बदलाव के कारण दुनिया की आवाजें कभी सुनाई नहीं दीं। इस नई जीन थेरेपी ने बहरेपन के खिलाफ चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ा कदम बनाया है, खासकर OTOF जीन में दोष वाले मामलों में।
इस थेरेपी में एक safe virus के जरिए स्वस्थ OTOF जीन को कान के भीतर पहुंचाया जाता है। यह जीन ओटोफरलिन नामक प्रोटीन बनाने में मदद करता है, जो ध्वनि संकेतों को कान से दिमाग तक पहुंचाता है। बिना इसके, आवाजें पकड़ी तो जाती हैं, लेकिन संकेत don’t reach । इस इंजेक्शन को कॉक्लिया के निचले हिस्से में राउंड विंडो के माध्यम से दिया जाता है।
क्लीनिकल ट्रायल में 1 से 24 साल की उम्र के 10 बच्चों और युवाओं पर इलाज किया गया। छह महीने के भीतर, all participants में सुनने की क्षमता में सुधार देखा गया। कई ने ऐसी धीमी आवाजें भी सुननी शुरू कर दीं, जो पहले असंभव थीं। यह सुधार clear improvement कहलाने लायक था।
सबसे encouraging result यह रही कि 5 से 8 साल के बच्चों में सुधार सबसे तेज और स्पष्ट था। एक छोटी बच्ची ने कुछ महीनों में ही लगभग सामान्य सुनने की क्षमता हासिल कर ली और अपनी मां से बातचीत शुरू कर दी। यह इंगित करता है कि early treatment करने से दिमाग आवाजों को समझने में बेहतर काम कर पाता है।
अभी यह थेरेपी चुनिंदा मामलों में ही काम करती है, लेकिन यह एक major breakthrough है। अगर आगे के अध्ययन इसकी long-term safety और प्रभाव को पुष्ट करते हैं, तो यह लाखों बच्चों के लिए जीवन बदल सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अब बहरेपन को अनिवार्य नहीं माना जाना चाहिए।
अगर यह थेरेपी वाकई long-term safety दीर्घकालिक सुरक्षा के साथ काम करती है, तो यह बच्चों के भविष्य के लिए बहुत बड़ी खबर है।
हमारे पड़ोस में एक बच्चा है जो कॉक्लियर इम्प्लांट लगवा चुका है। उसके माता-पिता इस new treatment नए इलाज के बारे में जानकर बहुत उत्साहित थे।
केवल एक छोटे समूह पर परीक्षण किया गया है। अगला big challenge बड़ा चुनौती होगी इसकी लागत और पहुंच को बेहतर बनाना।
अब तक बहरेपन को असंभव माना जाता था। अब लगता है चिकित्सा विज्ञान वाकई major breakthrough प्रमुख ब्रेकथ्रू कर रहा है।
क्या यह इंजेक्शन हर तरह के जन्मजात बहरेपन में काम करेगा? लेख में केवल OTOF जीन के बारे में बताया गया है। specific cases विशेष मामलों तक सीमित रहने पर भी यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
एक बच्ची की कहानी सुनकर आंखें नम हो गईं। आखिरकार वह अपनी मां की आवाज सुन पाई। बस इतना ही काफी था। emotional moment भावुक पल।