निदा खान: टीसीएस नासिक केस में आरोपी निदा खान को मिला बड़ा झटका, कोर्ट ने ठुकराई यह मांग

नासिक टीसीएस केस में accused निदा खान को बड़ा झटका लगा है। नासिक की एक अदालत ने उन्हें interim relief देने से इनकार कर दिया है। निदा के वकील ने उनकी bail application की सुनवाई तक temporary protection की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अब 27 अप्रैल को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई होगी। यह मामला पूरे देश में public attention आकर्षित कर रहा है।

निदा खान, जो टीसीएस नासिक में एचआर हेड के पद पर थीं, आठ आरोपियों में से एक हैं। उन पर sexual harassment और religious pressure डालने का आरोप है। पुलिस पहले ही सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन निदा अभी भी absconding बताई जा रही हैं। टीसीएस ने उन्हें नौकरी से निलंबित कर दिया है। उनके पति ने पुलिस को बताया कि वह 14 अप्रैल को घर छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां चली गई थीं।

नासिक पुलिस की जांच में अब तक आठ महिला कर्मचारियों की ओर से नौ शिकायतें दर्ज की गई हैं। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई जा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। पीड़िताओं ने मानसिक और भावनात्मक abuse के अलावा धर्म परिवर्तन के लिए बलपूर्वक दबाव की बात कही है।

इस बीच, निदा के पिता ने सभी आरोपों को false बताया है। उनका दावा है कि उनकी बेटी एक conspiracy की शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला divert attention के लिए लाया गया है, खासकर नासिक के स्वयंभू बाबा अशोक खरात की हालिया गिरफ्तारी के मद्देनजर, जिन पर एक बलात्कार के मामले में कार्रवाई हुई है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों के खिलाफ कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • नीरज_मिश्रा

    अगर वो फरार है तो bail की बात कैसे चल रही है? ये प्रक्रिया तो तभी होती है जब व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका हो।

  • सुमन_पाटिल

    विशेष जांच दल बनाना जरूरी था। इतने सारे complaints के बाद सामान्य जांच पर्याप्त नहीं थी।

  • रवि_कुमार

    क्या टीसीएस ने इन आरोपों के खिलाफ आंतरिक जांच नहीं की? कॉर्पोरेट जवाबदेही कहां है?

  • प्रिया_सिंह

    महिलाओं के खिलाफ कामकाजी स्थल पर harassment अब रोजमर्रा की बात हो गई है। बस नौकरी जाने का डर।

  • अमित_शर्मा

    पिता का कहना है कि ये साजिश है। लेकिन क्या सभी महिलाओं ने मिलकर एक false case बनाया? ये सचमुच अविश्वसनीय लगता है।

  • मीना_देशमुख

    अदालत ने राहत देने से इनकार किया, ये सही कदम है। अगर आरोपी छिपेगी तो justice कैसे मिलेगा?

  • विकास_यादव

    27 अप्रैल को सुनवाई होगी। उम्मीद है कि पुलिस evidence मजबूत पेश करेगी।

  • चंद्रमोहन

    धार्मिक दबाव वाला पहलू बहुत खतरनाक है। ये सिर्फ workplace issue नहीं रह गया।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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