धूम्रपान से थायराइड को होता है गहरा नुकसान, जानें डॉक्टर की चेतावनी

स्मोकिंग केवल फेफड़ों के लिए ही खतरनाक नहीं है, बल्कि thyroid ग्रंथि पर भी गहरा impact डालती है। डॉ. हिमिका चावला, PSRI हॉस्पिटल की एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ, ने स्पष्ट किया कि सिगरेट के धुएं में मौजूद साइनाइड शरीर में थायोसायनेट में बदल जाता है, जो थायराइड द्वारा iodine के अवशोषण को रोकता है। यह process थायराइड हार्मोन के संतुलन को भी बिगाड़ सकती है, जिससे टीएसएच का स्तर गिर जाता है — एक warning का संकेत जो डॉक्टर को गलत निदान करने के risk में डाल सकता है।

वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित धूम्रपान करने वालों में antibody के स्तर, जैसे TPOAb, कम होते हैं। हालांकि यह बीमारी कम होने का संकेत नहीं है, बल्कि प्रतिरक्षा प्रणाली के response में व्यवधान का परिणाम है। डॉ. चावला के अनुसार, धूम्रपान करने वाले मरीजों को medication का पूरा लाभ नहीं मिलता, क्योंकि धूम्रपान metabolism को बढ़ा देता है और दवा के absorption को कम करता है। इसलिए ऐसे रोगियों को अक्सर उच्च dose की आवश्यकता होती है।

विशेष चिंता का विषय eye disease है, जैसे थायराइड आई डिजीज (TED), जो ग्रेव्स रोग से जुड़ी होती है। शोध बताते हैं कि धूम्रपान करने वाले TED के मरीजों में swelling और pain अधिक होता है और सुधार कम होता है। डॉक्टर इस स्थिति में avoid की सलाह देते हैं, क्योंकि धूम्रपान रोग को गंभीर बना देता है। यहां तक कि passive smoking भी खतरनाक है, क्योंकि धुएं के संपर्क में आने से भी थायोसायनेट शरीर में प्रवेश कर जाता है।

हालांकि धूम्रपान cancer का प्रमुख कारण है, लेकिन थायराइड कैंसर के संबंध में वैज्ञानिक मतभेद हैं। कुछ अध्ययनों में जोखिम कम देखा गया है, लेकिन यह अभी अनिश्चित है। डॉ. चावला स्पष्ट करती हैं कि घरेलू उपचार या उपेक्षा नहीं, बल्कि timely चिकित्सा सलाह जोखिम को कम कर सकती है। वेपिंग भी risk बढ़ाती है, क्योंकि ई-सिगरेट में निकोटिन थायराइड हार्मोन के स्तर को alter सकता है।

एक दिलचस्प पाठ: धूम्रपान छोड़ने के बाद भी थायराइड की स्थिति में अस्थिरता आ सकती है। शोध से पता चलता है कि पहले वर्ष में autoimmune हाइपोथायरायडिज्म का risk सात गुना तक बढ़ सकता है। यह शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इम्यून प्रणाली के फिर से सक्रिय होने के कारण होता है। इसलिए डॉक्टरों की monitoring आवश्यक है। धूम्रपान छोड़ना अंततः फायदेमंद है, लेकिन इस transition को बुद्धिमत्तापूर्वक प्रबंधित करने की आवश्यकता होती है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • राज_दिल्ली

    अब तक सोचा था सिर्फ फेफड़े खराब होते हैं, लेकिन TSH स्तर पर असर... यह डरावना है।

  • प्रिया_एमडी

    कई मरीज नहीं बताते कि वे smoking करते हैं। यह रिपोर्ट डॉक्टरों के लिए भी जागरूकता का संदेश है।

  • विकास_मेहता

    अगर medication की खुराक ज्यादा लगती है, तो यह तो cost भी बढ़ा देता होगा।

  • स्नेहा_28

    मैं ग्रेव्स रोग से जूझ रही हूं। पहले से eye swelling थी, अब धूम्रपान तो बिल्कुल नहीं करूंगी।

  • डॉ_मल्होत्रा

    अच्छा लेख। लेकिन यह बताना जरूरी है कि quitting के बाद अस्थिरता अस्थायी होती है, न कि स्थायी।

  • अमित_बंगलोर

    ई-सिगरेट को 'सेफ ऑप्शन' समझ रहे थे। लेकिन vaping भी hormone levels बदलती है? यह तो बहुत गंभीर है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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