अगले 48 घंटे में US-ईरान वार्ता? ट्रंप ने मुनीर की तारीफ कर दी बड़ी घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने statement देते हुए कहा है कि अगले 48 घंटों के भीतर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। इस बातचीत के लिए पाकिस्तान को possible venue माना जा रहा है, जहां पिछली बातचीत विफल हो गई थी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे उस देश में बातचीत नहीं करना चाहते जिसका इस entire issue से कोई संबंध न हो।

ट्रंप ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर की जमकर तारीफ की और कहा कि वे मुनीर की किसी setting से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि वार्ता विफल होने के बावजूद, मुनीर "excellent work " कर रहे हैं। जानकार मानते हैं कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान तनाव में कमी के बाद से मुनीर ट्रंप के 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' बन गए हैं।

इस्लामाबाद में हुई पहली बातचीत करीब 21 घंटे तक चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब दूसरे दौर का मुख्य goal दो हफ्ते के नाजुक ceasefire को बचाना है। ईरान होर्मुज की खाड़ी को बंद करके रखा है, जिसे अमेरिका तत्काल खुलवाना चाहता है। इसके अलावा, ईरान के nuclear program और लगाए गए sanctions पर भी गतिरोध बना हुआ है।

एक दिलचस्प aspect यह है कि ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बजाय आर्मी चीफ मुनीर पर अधिक focus दे रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति की इस्लामाबाद यात्रा पर मुनीर ने ही उनका स्वागत किया, जो यह दर्शाता है कि पाकिस्तान में अब military नागरिक नेतृत्व से आगे है। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय diplomacy में सैन्य नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को अमेरिका मान्यता दे रहा है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अर्जुन

    48 घंटे बहुत कम समय है। क्या वाकई इतनी जल्दी कोई major decision हो पाएगा?

  • रुचि

    ट्रंप हमेशा नाटकीय announcements करते हैं। क्या यह बस एक attention move है?

  • विकास

    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। इसके बंद होने से global market पर भारी असर पड़ेगा।

  • महिमा

    मुनीर को ट्रंप का पसंदीदा कहना दिखाता है कि military power आज भी राजनीति में मायने रखती है।

  • सुधीर

    अगर वार्ता फिर विफल रही, तो क्या regional tension और बढ़ेगा? यह सीधे हमारी अर्थव्यवस्था पर असर डालेगा।

  • नेहा

    शहबाज शरीफ को नजरअंदाज करना ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान की नागरिक लोकतंत्र को नजरअंदाज करने जैसा है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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