अगले दो दिनों में ईरान-अमेरिका बातचीत का दूसरा दौर, ट्रंप ने दिया संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर अगले दो दिनों में हो सकता है। talk के पहले दौर के महज कुछ दिन बाद यह घोषणा आई है, जिसे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से ट्रंप ने कहा कि वे बातचीत फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं और इसके लिए signal भी दे दिए हैं।

पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हुई 21 घंटे तक चली talk में दोनों पक्षों ने भाग लिया, जो 1979 के बाद ऐसी पहली उच्च-स्तरीय बैठक थी। हालांकि, कोई permanent समझौता नहीं हो सका। अब ट्रंप ने साफ किया है कि अगला दौर भी पाकिस्तान में ही होगा, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका और मजबूत हो रही है।

इस बीच, ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुनीर performed well और वह 'बहुत शानदार' हैं। इस तारीफ ने न केवल मुनीर की छवि को बढ़ावा दिया है, बल्कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान के साथ संबंधों में trust की भावना को भी दर्शाया है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि अगले दौर की वार्ता जल्द होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब तक कोई negative घटनाक्रम नहीं हुआ, जिससे उन्हें संतोष है। यह बात दोनों देशों के बीच तनाव में कमी की उम्मीद जगाती है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि ईरान के साथ deal कुछ आगे बढ़ा है। ये सभी संकेत दर्शाते हैं कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए गंभीर हैं। यह diplomacy का एक नाजुक लेकिन उम्मीद भरा दौर है, जिस पर दुनिया की नजर टिकी है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • सुरक्षा_विश्लेषक

    अगर पाकिस्तान वाकई इतना अच्छा मध्यस्थ है, तो फिर अब तक क्षेत्र में शांति क्यों नहीं? trust बनाना आसान है, लेकिन बनाए रखना मुश्किल।

  • विदेशी_मामले

    ट्रंप मुनीर की तारीफ कर रहे हैं — क्या यह सिर्फ diplomacy है या वाकई में विश्वास?

  • राजधानी_की_आवाज

    अगले दो दिनों में बात होगी? यह change बहुत तेजी से आ रहा है।

  • सावधान_नागरिक

    21 घंटे की बातचीत में कुछ नहीं निकला, अब फिर से बैठने का मतलब क्या? क्या यह सिर्फ show है?

  • इतिहास_रस

    1979 के बाद पहली बार शीर्ष अधिकारी मिले — यह moment तो ऐतिहासिक है, चाहे समझौता न हो।

  • जमीनी_हकीकत

    समझौता हो या न हो, अगर तनाव कम हो रहा है, तो यह positive खबर है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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