ईरान से बातचीत के लिए जेडी वेंस फिर जाएंगे पाकिस्तान, ट्रंप के बयान को वाइट हाउस ने बताया 'गलत'

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस फिर से पाकिस्तान के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां वे ईरान के साथ talks के दूसरे दौर का नेतृत्व करेंगे। यह वार्ता इस्लामाबाद में होगी, जहां पहले दौर में 21 घंटे तक चली चर्चा के बावजूद कोई breakthrough नहीं हुआ था। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वेंस ही प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे, जिससे डोनाल्ड ट्रंप के उस claim का खंडन होता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वेंस यात्रा पर नहीं जाएंगे।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिकी टीम सोमवार को पाकिस्तान जा रही है, लेकिन उन्होंने ईरान को सीधी warning भी दी। उन्होंने कहा, "अगर बातचीत विफल होती है, तो ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह destroyed कर दिया जाएगा।" इस बयान ने क्षेत्र में tension में और इजाफा कर दिया है, खासकर जबकि वर्तमान सीज़फायर का समय बुधवार को समाप्त हो रहा है।

ईरान की ओर से अभी तक आधिकारिक confirmation नहीं की गई है कि उनके प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, लेकिन खबरों के अनुसार बाघेर गालिबाफ और अब्बास अराघची फिर से शामिल हो सकते हैं। ईरान ने पहले भी जेडी वेंस पर trust जताया है, जो उनके लिए अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत के एकमात्र reliable चेहरे के रूप में उभरे हैं।

पाकिस्तान ने मेजबानी के लिए भारी security इंतजाम किए हैं। रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की तैनाती देखी गई है। यह बातचीत न केवल ईरान और अमेरिका के बीच संबंधों के लिए, बल्कि पूरे मध्य पूर्व के stability पर गहरा impact डाल सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच न्यूनतम विश्वास है, लेकिन वार्ता जारी रखना एक positive संकेत है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अर्जुन23

    ट्रंप का बयान देखकर लगता है कि वो वास्तविक policy नहीं, बल्कि धमकी के जरिए ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

  • साक्षी_एनडी

    वेंस पर ईरान का trust दिलचस्प है। क्या वो वाकई इतने प्रभावशाली हैं या ये सिर्फ राजनयिक एटिकेट है?

  • राहुलपंडित

    जब तक ईरान के प्रतिनिधि सामने नहीं आते, तब तक कोई progress नहीं होगी। बहुत सारे बयान लेकिन कम ठोस कदम।

  • नीलम_चौधरी

    पाकिस्तान में इतनी भारी security की जरूरत क्यों? क्या वहां भी risk है?

  • विक्रमजीत

    अगर बातचीत फेल होती है, तो क्या वाकई अमेरिका military action करेगा? या ये सिर्फ दबाव बनाने की रणनीति है?

  • अनुराग_मिश्रा

    ट्रंप ने जो कहा, उसके बाद वाइट हाउस ने स्पष्ट किया। ये दिखाता है कि administration के अंदर भी अस्पष्टता है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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