यशस्वी जायसवाल: भारत का अनदेखा युवा जिसे हरभजन ने बताया 'सबसे बेहतरीन'
क्रिकेट की दुनिया में नए चेहरे तेजी से उभर रहे हैं, लेकिन पूर्व दिग्गज cricketer हरभजन सिंह की नजर उन युवाओं पर है जो सिर्फ रन नहीं, बल्कि technique और मानसिक मजबूती के साथ खेलते हैं। वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे नाम तो चर्चा में हैं, लेकिन हरभजन के अनुसार भारत का सबसे बड़ा talent अभी तक उतना नहीं चर्चित हुआ — वह हैं यशस्वी जायसवाल। उनकी बल्लेबाजी में वह balance है जो लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट में टिके रहने का राज है।
हरभजन ने सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर आयोजित 'लीजेंड्स क्लब' के कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि यशस्वी जायसवाल ने न केवल performance से अपनी जगह बनाई है, बल्कि अपनी सोच से भी। वे एक सत्र तक गेंद को छोड़ सकते हैं और अगले में रन बनाने लगते हैं — यह अनुशासन कम खिलाड़ियों में देखने को मिलता है। format से अलग होकर खेलने की यह क्षमता उन्हें T20 और टेस्ट दोनों के लिए उपयुक्त बनाती है।
उन्होंने सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों के बारे में कहा कि उन्हें grooming होगा। बस गेंद को मारना ही काफी नहीं — जब हालात कठिन हों, तो defend खेलना भी आना चाहिए। swing करती गेंद के खिलाफ इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में भेजे जाने से पहले उनकी तकनीक को मजबूत करना जरूरी है। यह सब मानसिकता की बात है, न कि सिर्फ कौशल की।
हरभजन ने टेस्ट क्रिकेट को priority देने की बात कही। उनके अनुसार, यही वह format है जहां सच्चे challenge का सामना होता है। पांच दिन तक चलने वाला यह खेल हर दिन नई situation पैदा करता है। इसलिए, बेहतर पिचें तैयार करना भी जरूरी है ताकि न तो बल्लेबाज बहुत आसानी से रन बना लें और न ही स्पिनर बिना मेहनत के विकेट ले लें।
एक बड़ी चिंता जो उन्होंने व्यक्त की, वह है spin bowling की कला का लुप्त होना। art के तौर पर गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी कम होते जा रहे हैं। spin अब कई गेंदबाजों के लिए प्राथमिकता नहीं रह गया है, जिससे बल्लेबाजों को फायदा मिल रहा है। अगर भारत भविष्य में दुनिया के शीर्ष स्तर पर टिका रहना चाहता है, तो इन बुनियादी चीजों को फिर से पहचानना होगा।
यशस्वी की technique तकनीक सच में अलग है, लेकिन क्या वह विदेशी पिचों पर भी इतना अच्छा खेल पाएगा?
मैंने कहा था और फिर कहूंगा — टेस्ट क्रिकेट ही असली परीक्षा है। बाकी सब entertainment मनोरंजन है।
आजकल के स्पिनर सिर्फ लॉन्ग ऑन में डालते हैं। flight उंचाई और घुमाव कहां गए?
सूर्यवंशी को opportunity मौका मिलना चाहिए, लेकिन पहले घरेलू मैचों में पकने दो।
हरभजन सही कह रहे हैं — टेस्ट में खेलने के लिए धैर्य चाहिए, बस ताकत नहीं।
इंग्लैंड जाकर swing स्विंग के खिलाफ खेलना हर भारतीय युवा के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
हमारे जमाने में स्पिनर गेंद को 30 मीटर दूर तक घुमा देते थे। अब तो हवा में लहराव भी नहीं दिखता।
यशस्वी की एक बात जो सबसे अलग है — वह दबाव में भी एकाग्रता बनाए रखता है।