क्या होता है नौतपा? इसके एक माह पहले ही तपने लगा मेरठ; लोग बोले- अब इतनी गर्मी तो मई-जून में कैसा होगा हाल

मेरठ में गर्मी ने पहले ही अपना worst रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार seven days से तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है, और मंगलवार को यह 40.3 डिग्री तक पहुंच गया। यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। लोग दोपहर में सड़कों पर लड़खड़ाते नजर आए, खासकर बच्चे और बसों में सफर कर रहे यात्री। heatwave की चेतावनी 25 अप्रैल तक जारी की गई है, जबकि दिल्ली में इसकी आशंका तीन दिनों के लिए है।

इस साल की गर्मी लोगों के लिए deep concern का विषय बन गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार भीषण गर्मी का मौसम 'नौतपा' 25 मई से शुरू होता है, लेकिन इसके एक महीने पहले ही मेरठ तप रहा है। बिल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डॉ. पंकज झा के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा शुरू होता है। यह दो जून तक रहेगा, लेकिन इस बार गर्मी ने अपना timing पहले कर लिया है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम विक्षोभ कमजोर पड़ने से बारिश की chances कम हो गई है। उत्तर-पश्चिम से आ रही गर्म हवाएं लू का कारण बन रही हैं। नमी का स्तर भी तेजी से गिरा है—10 अप्रैल तक यह 65 प्रतिशत से अधिक था, लेकिन मंगलवार को यह घटकर 21 प्रतिशत पर आ गया। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, 23 अप्रैल को एक पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पर इसका कोई impact नहीं पड़ेगा।

अगले चार-पांच दिनों में बारिश की expectation नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा और तापमान 42-43 डिग्री तक जा सकता है। यह वर्ष 2023 के बाद अप्रैल में दर्ज किया गया सबसे जल्दी और तीव्र तापमान है। लोग मई और जून की गर्मी को लेकर anxious हैं। अगर यही हाल अभी है, तो गर्मी के चरम पर पहुंचने पर स्थिति कैसी होगी, यह कल्पना करना भी मुश्किल है।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • सुरेश_मेरठ

    43 डिग्री में बस में सफर करना तो मुमकिन नहीं है। commuters के लिए अलग से ठंडी बसें या शेडेड स्टॉप तो सरकार को बनाने चाहिए।

  • गीता_शर्मा

    नौतपा तो मई के अंत में आता है, लेकिन अब तो गर्मी ने routine बदल दी है। सुबह 6 बजे भी गर्मी महसूस होती है।

  • राजीव_कांत

    मौसम विभाग चेतावनी दे रहा है, लेकिन public response कहां है? अभी तक कोई जागरूकता अभियान नहीं दिखा।

  • प्रियंका_यादव

    इतनी गर्मी में बच्चों के लिए स्कूल टाइमिंग क्यों नहीं बदली जा रही? children स्कूल जाते समय पसीने से तर होते हैं।

  • दीपक_मलिक

    ये पश्चिम विक्षोभ वाली बात समझ नहीं आती। बस इतना पता है कि बारिश नहीं हो रही और धूप relentless चल रही है।

  • नीरज_वर्मा

    अगर यही trend रहा, तो फसलों पर असर पड़ेगा। किसानों के लिए यह बड़ी समस्या हो सकती है।

  • मुकेश_जी

    पुराने जमाने में नौतपा के दिनों में लोग छाया में बैठते थे, अब तो लोग एसी के बिना बाहर नहीं निकलते। lifestyle बदल गई है।

  • शिवानी_पंडित

    क्या इस बढ़ती गर्मी का climate change से कोई लेना-देना नहीं है? यह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक warning लगती है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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