बिहार राजनीति: तेजस्वी यादव का सीएम सम्राट चौधरी पर बड़ा हमला, 'नए वजीर के पास कितनी…'

बिहार की राजनीति में आज एक बार फिर तीखा tension देखने को मिला है, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर sharp attack किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष का 43.29 प्रतिशत समय व्यर्थ कर दिया है, जो कि जनता के प्रति serious responsibility की कमी दिखाता है।

तेजस्वी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यह सवाल उठाया कि नए वजीर के पास depth , reasoning और knowledge कितना है — एक ऐसा सवाल जो नेतृत्व की capability पर सीधे संदेह जताता है। उन्होंने कहा कि सरकार गणतंत्र का गला घोंटकर षड्यंत्र के जरिए चल रही है और पिछले पांच महीने से झूठ और प्रपंच का instrument बजा रही है।

उनके मुताबिक, 23 हफ्तों में सरकार ने कोई नया काम नहीं किया है। न कोई स्पष्ट दिशा है, न vision , न roadmap और न ही timeline । यहां तक कि कैबिनेट बैठकों का भी ठीक से आयोजन नहीं हुआ। तेजस्वी ने एक कड़वे तंत्र के साथ कहा कि बिहार अब बिहार से नहीं, बल्कि दो गुजराती भाइयों के रिमोट से चल रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जब सत्ता में बने रहने की desperation नेताओं को अंधा कर दे, तो वे सिर्फ public image के लिए रील बनाने में व्यस्त रहते हैं। यह स्थिति बिहार के युवाओं, छात्रों और मेहनतकश लोगों के लिए economic cost का कारण बन रही है, जो अब नौकरी के अभाव में त्राहिमाम कर रहे हैं।

तेजस्वी का आरोप है कि एनडीए ने बिहार की identity के साथ सौदा कर दिया है। 60% युवा आबादी वाला यह राज्य अब नेताओं की political survival की चाह में बलि की गाय बन गया है। उन्होंने कहा कि बिहारवासी आज regret के आंसू बहा रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी गरिमा और परिश्रम का दुरुपयोग हो रहा है।

प्रतिक्रियाएँ 7

  • पटना_वाला

    43.29% समय व्यर्थ? ये आंकड़ा सच है तो सरकार को जवाब देना चाहिए। public accountability कहां है?

  • सच्ची_बात

    दो गुजराती भाइयों का जिक्र सीधे संकेत है। ये central interference है या राज्य की अपनी कमजोरी?

  • युवा_आवाज

    हम तो सिर्फ नौकरी चाहते हैं। रील बनाने वालों को नौकरी दे दो, हमें तो job guarantee चाहिए।

  • तुलसी_मिश्रा

    तेजस्वी भी सत्ता में रहे हैं। क्या उनकी पार्टी ने भी real development किया था? सिर्फ हमला करना आसान है।

  • निष्पक्ष_नजर

    जब तक कैबिनेट नहीं बनती, कोई policy decision कैसे होगा? ये आलोचना तो बिल्कुल जायज है।

  • स्थानीय_पत्रकार

    वाद्ययंत्र बजाने वाला बयान काफी कुछ कहता है। rhetoric कभी-कभी तथ्यों से ज्यादा प्रभाव डालती है।

  • अंतिम_सच

    क्या बिहार वास्तव में remote control से चल रहा है? अगर हां, तो लोकतंत्र कहां है?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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