F-16 लड़ाकू विमान कितने खतरनाक हैं, जिन्होंने जेडी वेंस के विमान को दी एस्कॉर्ट?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान दौरे के दौरान उनके विमान को escort करने के लिए तैनात किए गए पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह दौरा उच्च-स्तरीय अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए आयोजित किया गया है। वेंस के विमान को पाकिस्तानी वायुसेना के पांच F-16 ने सुरक्षा के साथ इस्लामाबाद तक पहुंचाया, जो दौरे की sensitivity को दर्शाता है।
F-16 एक lightweight लेकिन शक्तिशाली लड़ाकू विमान के रूप में जाना जाता है। इसे पहले जनरल डायनेमिक्स ने डिज़ाइन किया था, अब इसे लॉकहीड मार्टिन निर्मित करता है। विमान की fly-by-wire तकनीक इसे अत्यधिक स्थिर और नियंत्रित उड़ान देती है। इसमें लगे प्रैट एंड व्हिटनी या जनरल इलेक्ट्रिक के powerful engine इसे 2400 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार देते हैं।
इस विमान में उन्नत radar और एवियोनिक्स प्रणाली हैं, जिनमें AN/APG-66/68 रडार और लेज़र रेंज फाइंडर शामिल हैं। यह multirole क्षमता रखता है — दिन-रात और किसी भी मौसम में हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला कर सकता है। यह AIM-9 साइडविंडर, AIM-120 AMRAAM मिसाइलों और विभिन्न guided bomb ले जाने में सक्षम है।
यह वार्ता 1979 की ईरानी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे उच्च-स्तरीय बातचीत मानी जा रही है। ईरान की ओर से अमेरिका पर भरोसे की कमी व्यक्त की गई है, जबकि पाकिस्तान मध्यस्थता में रचनात्मक भूमिका निभाना चाहता है। इस पूरे प्रयास में सैन्य posture और राजनयिक diplomacy के बीच नाजुक संतुलन दिखाई दे रहा है।
F-16 वाकई एक game-changer गेम-चेंजर विमान है। लेकिन क्या पाकिस्तान के पास इसका पूरा अपग्रेडेड वर्जन है?
विमान तो ताकतवर हैं, लेकिन इस तरह की security escort सुरक्षा एस्कॉर्ट देखकर लगता है कि दोनों तरफ बहुत tension तनाव है।
अमेरिका ने F-16 दिए, अब उन्हीं से अपने vice president उपराष्ट्रपति को एस्कॉर्ट करवा रहा है। थोड़ा irony विडंबना तो है।
ईरान ने तो अपने विमान के साथ डेकॉय भेजे। वो clearly स्पष्ट रूप से किसी हमले की आशंका कर रहे थे।
इतने उन्नत विमान और फिर भी शांति के लिए बातचीत? यही तो विरोधाभास है। तकनीक बढ़ रही है, लेकिन trust भरोसा कम।
क्या इस बातचीत के बाद वास्तविक diplomatic breakthrough कूटनीतिक उपलब्धि होगी, या यह भी एक और असफलता साबित होगी?