‘मुझे गले लगाने को बेताब शी जिनपिंग’, ट्रंप का दावा; क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चीन-अमेरिका में डील?

अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक उथल-पुथल मचाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोलने जा रहे हैं — एक ऐसा कदम जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के flow को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में यह भी दावा किया कि चीन ने इस कदम का welcome किया है और ईरान को हथियार नहीं देने पर भी सहमति जताई है।

ट्रंप ने अपने बयान में चीनी अध्यक्ष शी जिनपिंग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग उन्हें गले लगाने को बेताब हैं। उनके मुताबिक, चीन पूरी तरह cooperating कर रहा है और जल्द ही वह वहां जाकर वार्ता करेंगे। इस बीच, ट्रंप ने एक warning भी जारी की: अगर लड़ाई होती है, तो अमेरिका पीछे नहीं back down

यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरान पहले से ही warning दे चुका है कि अगर नाकाबंदी जारी रही, तो उसके गंभीर consequences होंगे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल का लगभग 20% global supply गुजरती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने पर इस मार्ग की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय concern का विषय बन जाती है।

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल से पहले ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच फिर से बातचीत की संभावना है। इस बीच, ईरान-सीज़फायर को दो हफ्ते और बढ़ाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप के बयान से पहले तक, ईरान में करीब 3000 लोगों की मौत हो चुकी है। लेबनान में 2100 और इजराइल में 23 लोगों की जान जा चुकी है। खाड़ी देशों में भी कई नागरिकों की मौत हुई है।

यह साफ नहीं है कि चीन ने वास्तव में ऐसा कोई commitment दी है या नहीं, क्योंकि बीजिंग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक statement जारी नहीं किया है। ट्रंप के इस दावे के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े भू-राजनीतिक बदलाव सिर्फ एक व्यक्ति के टिप्पणी से नहीं होते। फिर भी, यह बयान अंतरराष्ट्रीय tensions के बीच एक नई चिंगारी के रूप में उभरा है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • राजवीर

    क्या वाकई शी जिनपिंग ट्रंप को गले लगाना चाहते हैं? यह तो लगता है जैसे राजनीतिक थिएटर चल रहा है।

  • प्रियंका

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कोई भी disruption तेल की कीमतों में उछाल ला सकती है। आम आदमी के बजट पर direct impact पड़ेगा।

  • संजय_दिल्ली

    ट्रंप कभी लड़ाई से डरते नहीं, यह तो सब जानते हैं। लेकिन क्या चीन वाकई इतना cooperative है? उनका व्यापार ईरान के साथ बढ़ रहा है।

  • नीरज

    तीन हजार लोगों की मौत... यह कोई आंकड़ा नहीं, human cost है। यह सब सुनकर दिल दहल जाता है।

  • अंकित

    ट्रंप के बयान से ज्यादा attention इस बात पर होना चाहिए कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता कब और कैसे होगी।

  • सुमन

    सिर्फ एक आदमी के claim से भू-राजनीति नहीं बदलती। चीन का चुप रहना खुद में एक message है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

[email protected]