ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का नुकसान, खोलना चाहता है हॉर्मुज: ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण ईरान को हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। इस आर्थिक दबाव के चलते, ईरान वित्तीय तबाही के कगार पर पहुँच गया है, और उसके पास अब cash shortage है। ट्रंप ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर किया, जहाँ उन्होंने लगातार ईरान पर दबाव बनाए रखा है।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जबकि सीजफायर को आगे बढ़ा दिया गया है, naval blockade जारी रहेगी। उनके मुताबिक, ईरान की सेना और पुलिस को अब salaries नहीं मिल रही है, जो आंतरिक स्तर पर एक emergency situation बन गई है। वे दावा करते हैं कि ईरान सार्वजनिक रूप से तो जलमार्ग बंद रखने की बात कर रहा है, लेकिन असल में वह इसे जल्द से जल्द reopen चाहता है।

इस दावे में ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर से जलमार्ग बंद रखने की धमकी महज political theater है, जो केवल घरेलू दर्शकों को प्रभावित करने के लिए है। उनका कहना है कि चार दिन पहले ही कुछ लोगों ने संपर्क किया था, जो ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा व्यक्त कर रहे थे। इसका मतलब यह है कि तेहरान वास्तविकता के दबाव में है और diplomatic talks पहले से ही शुरू हो चुकी है।

हालाँकि, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि बिना major concessions के जलडमरूमध्य को जल्दबाजी में खोल देने से अमेरिका का influence भविष्य की बातचीत में खत्म हो सकता है। वहीं, ईरानी सरकार इसे अमेरिका की एक रणनीति बता रही है जिसका उद्देश्य नाकेबंदी जारी रखते हुए राजनीतिक फायदा उठाना है।

इस जलमार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता पैदा हो गई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लंबे समय तक दबाव बना रहने का खतरा है, जिससे तेल की prices और आपूर्ति में असर पड़ सकता है। समुद्री व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अर्जुन

    हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान? ये आंकड़ा कितना विश्वसनीय है? क्या ट्रंप exaggerate बोल रहे हैं?

  • काव्या

    ईरान के सैनिकों को तनख्वाह नहीं मिल रही तो ये internal pressure उनकी सरकार के लिए खतरनाक हो सकता है।

  • मनीष

    राजनीतिक दिखावा करना तो हर सरकार की आदत है। पर यहाँ तो economic survival का सवाल है।

  • प्रियंका

    अगर वास्तव में वार्ता शुरू हो चुकी है, तो ट्रंप को leak करने की क्या जरूरत थी? ये tactic अजीब लग रहा है।

  • सुमित

    तेल की कीमतें बढ़ेंगी तो आम आदमी पर ही direct impact पड़ेगा। ये सिर्फ ईरान और अमेरिका की लड़ाई नहीं है।

  • निधि

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे या बंद, असली मुद्दा global stability का है। एक गलत कदम बड़ा संकट ला सकता है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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