तो फिर होगी ईरान पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार? वाइट हाउस के बाद अब नेतन्याहू ने भी दिखाई कड़ी मुद्रा
क्या अब ईरान पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार होगी? वाइट हाउस के बाद अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी tough stance दिखाई है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ इजराइल का सैन्य अभियान अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "अभी और काम बाकी है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में geopolitical tension एक बार फिर चरम पर पहुँचता दिख रहा है।
इससे पहले, अमेरिकी प्रशासन के आधिकारिक अकाउंट 'द वाइट हाउस' ने एक्स पर एक significant post डालकर ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने लिखा, "कोई बहाना नहीं चलेगा। बस जीत हासिल करेंगे।" इसके साथ ही 'LOCKED IN MODE: ACTIVATED' जैसे संदेशों ने अमेरिका के resolve को दर्शाया। ये संकेत ऐसे हैं जो न केवल ईरान को संबोधित हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भी एक स्पष्ट चेतावनी के रूप में खड़े हैं।
नेतन्याहू ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएँ और मिसाइल उत्पादन क्षमता इजरायल के लिए एक serious threat हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने इन सुविधाओं को भूमि के बहुत गहराई में छिपा रखा है, ताकि अमेरिकी बी-2 बमवर्षक भी पहुँच न सकें। उन्होंने कहा कि इजरायल चुपचाप खड़ा नहीं रह सकता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पास अभी भी 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसे या तो कूटनीति या बल के जरिए हटाया जाएगा।
इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग ईरान के साथ कई संभावित स्थितियों के लिए preparedness कर रहा है। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होती है, तो पहला हमला करने की संभावना भी तैयार की जा रही है। दूसरी ओर, ईरान की ओर से भी चेतावनी जारी की गई है कि तेहरान पर अचानक हमला हो सकता है। यह दावा खुफिया रिपोर्ट पर आधारित है।
वार्ता की उम्मीद अभी भी जिंदा है। मंगलवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की वार्ता की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पिछले दौर की बातचीत कोई ठोस परिणाम नहीं ला सकी, लेकिन दोनों पक्षों ने diplomatic channel खुला रखा है। अब सवाल यह है कि क्या बातचीत तनाव कम कर पाएगी या फिर दुनिया एक बार फिर युद्ध के कगार पर खड़ी होगी?
अगर वार्ता फेल होती है, तो क्या वाकई ड्रोन अटैक होगा? military action सैन्य कार्रवाई का खतरा बहुत गंभीर लग रहा है।
वाइट हाउस का 'No excuses. Just wins' वाला मैसेज बहुत आक्रामक लगा। क्या यह diplomacy कूटनीति के रास्ते को बंद नहीं करता?
ईरान के पास 400kg संवर्धित यूरेनियम? यह परमाणु क्षमता कितनी खतरनाक हो सकती है, कोई जानकारी?
इजरायल और अमेरिका एक साथ आवाज उठा रहे हैं। यह alliance गठबंधन ईरान के लिए बहुत बड़ा दबाव बना सकता है।
इस्लामाबाद में वार्ता हो रही है, लेकिन सुरक्षा के इतने सख्त इंतजाम... लगता है विश्वास की कमी बहुत गहरी है।
क्या अमेरिका वाकई पहला हमला करेगा? मुझे लगता है वो इजरायल को ही आगे बढ़ने के लिए push धक्का दे रहे हैं।
इतने बड़े regional conflict क्षेत्रीय संघर्ष के बीच आम लोगों की जिंदगी क्या होगी? यह बहुत डरावना है।
ईरान ने भी कहा है कि तेहरान पर सरप्राइज अटैक हो सकता है। क्या यह intelligence report खुफिया रिपोर्ट सच हो सकती है?