ट्रंप के बयान से नाराज नेतन्याहू! लेबनान पर हमले रोकने के आदेश के बाद क्यों बदले अमेरिकी राष्ट्रपति के सुर?

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के एक recent statement से भड़क उठे, जिसमें ट्रंप ने लेबनान पर air strikes रोकने का सार्वजनिक आदेश दिया। इस बयान के बाद दोनों allies देशों के बीच तनाव दिखाई दिया, खासकर इसलिए क्योंकि इजरायल ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि इजरायल को लेबनान पर बमबारी नहीं करनी चाहिए और अमेरिका ने उसे ऐसा करने से रोक दिया है। यह बयान न केवल इजरायली leadership के लिए अप्रत्याशित था, बल्कि सीजफायर समझौते के actual text के विपरीत भी था। इजरायली अधिकारियों ने तुरंत व्हाइट हाउस से clarification मांगा।

इसके बाद ट्रंप ने अपने position को नरम करते हुए इजरायल की तारीफ की और उसे अमेरिका का 'महान सहयोगी' बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल brave वाला, वफादार और स्मार्ट देश है, जो संकट के समय अपना असली character दिखाता है। यह टिप्पणी damage control की कोशिश लगी, खासकर जब से उनके पहले बयान ने एक राजनयिक दरार पैदा कर दी थी।

इजरायली दूत येचिएल लीटर सहित अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए urgent calls शुरू की कि अमेरिकी policy में वास्तव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। एक अमेरिकी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि समझौता defensive rights को बरकरार रखता है, भले ही आक्रामक military actions पर रोक लगाए।

इस बीच, पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इजरायल पर sharp criticism की, कहा कि नेतन्याहू ने अमेरिका को एक ऐसे conflict में घसीटा जिसे अमेरिकी जनता नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी troops की सुरक्षा को serious risk हो गया है। यह टिप्पणी अमेरिकी public opinion में बढ़ते दबाव को दर्शाती है।

प्रतिक्रियाएँ 8

  • संजय_दिल्ली

    एक राष्ट्रपति का सोशल मीडिया पर बयान दूसरे देश की foreign policy तय नहीं कर सकता। यह अजीब है।

  • प्रियंका_एम

    ट्रंप को लगता है कि वो the world के सभी मामलों में हस्तक्षेप कर सकते हैं। क्या इजरायल अब उनका अधीनस्थ बन गया है?

  • अर्जुन_पटना

    हैरिस की बात में logic है। अमेरिका को इस तरह के regional war में नहीं उलझना चाहिए।

  • माला_जी

    इजरायल के लिए यह अपमानजनक होगा। वो तो हमेशा खुद को मजबूत बताते हैं।

  • विक्रम_एस

    ट्रंप ने फिर अपनी आदत दिखाई — पहले provocative statement , फिर पीछे हटना

  • नीतू_राज

    क्या अमेरिका वाकई इजरायल को direct आदेश दे सकता है? यह alliance अब बराबरी का नहीं लगता।

  • काव्या_एम

    इतनी बड़ी भूराजनीतिक बात को सोशल मीडिया पर ले जाना गलत है। यह serious diplomacy के खिलाफ है।

  • रोहित_बी

    अगर ट्रंप सचमुच इजरायल को रोक रहे थे, तो फिर उनकी तारीफ क्यों? यह mixed signals हैं।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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