होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी पर चीन ने दिया जवाब: वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता जताई

होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी की धमकी के खिलाफ चीन ने साफ रुख अपनाते हुए कहा है कि यह वैश्विक व्यापार के हित में नहीं है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता spokesperson ने कहा कि यह जलमार्ग दुनिया भर के तेल और गैस supply की धुरी है, और इसकी सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की shared interest है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि ईरान के खिलाफ naval blockade लागू की जाएगी, जिसके तहत हर जहाज़ की आवाजाही पर restriction लगाया जाएगा। चीन ने इसे excessive pressure बताया और दोनों पक्षों से restraint बरतने का आह्वान किया।

चीन ने स्पष्ट किया कि वह वैश्विक ऊर्जा market stability के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। ग्वा जाकुन ने कहा कि चीन की stance ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, न कि किसी एक देश के pressure में आने पर। वेनेज़ुएला के मामले पर उन्होंने कहा कि यह एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसे अपने व्यापारिक साझेदार खुद चुनने का right है।

अमेरिका द्वारा चीन पर 50% अतिरिक्त tariff लगाने की धमकी के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि टैरिफ़ वॉर किसी के भले के लिए नहीं है। चीन का तर्क है कि ऐसे economic measures वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर सकते हैं और global trust को कमजोर करते हैं।

इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता विफल होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट के माध्यम से दुनिया का लगभग 20% तेल आता-जाता है, और किसी भी disruption से ऊर्जा supply chain पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। चीन ने इस संघर्ष को resolve peacefully की आवश्यकता पर जोर दिया है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अर्जुन

    अगर होर्मुज़ बंद होता है, तो तेल की कीमतों में छलांग लगेगी। ये pressure सीधे आम आदमी पर पड़ेगा।

  • सुमन

    चीन कहता है global cooperation , लेकिन खुद भी तेल के लिए ईरान से निर्भर है। क्या ये सच में तटस्थता है?

  • विकास

    अमेरिका का threat और चीन का response —ये सिर्फ राजनीति है। वैश्विक आर्थिक crisis कोई नहीं रोकना चाहता।

  • मेघना

    क्या ट्रंप सच में blockade कर पाएंगे? अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ऐसा करना बहुत risky भरा है।

  • रोहित

    चीन का ये कहना कि वेनेज़ुएला को अपने trade partners खुद चुनने का अधिकार है—ये बहुत सही है।

  • प्रियंका

    क्या चीन वाकई peaceful solution चाहता है, या बस अपने economic interests बचा रहा है?

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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