ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान ने भारत की तारीफ क्यों की? परमाणु गारंटी और ब्रिक्स का खेल

ईरान और इज़राइल के बीच tension के बीच, पाकिस्तान के रूस में राजदूत फैसल नियाज तिरमिजी ने अचानक भारत के साथ एक mutual गारंटी की बात करके अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चर्चा में नया मोड़ डाल दिया है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की nuclear facilities पर हमला न करने की गारंटी दी है — एक दावा जो अक्सर चर्चा में नहीं आता, लेकिन अब महत्वपूर्ण लग रहा है।

तिरमिजी ने इज़राइल के बुशहर परमाणु संयंत्र पर attack का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगर यह सीधा प्रहार होता, तो इसके impact सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि फारस की खाड़ी और पाकिस्तान के लिए भी गंभीर होते। उन्होंने कहा, 'इस पर कभी हमला नहीं किया जाना चाहिए' — एक स्पष्ट warning जो पूरे क्षेत्र की परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता दर्शाती है।

यह बयान मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान military crisis के बाद आया है, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के नाम से जाना जाता है। तिरमिजी ने माना कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तनाव reduction में भूमिका निभाई, लेकिन यह भी दोहराया कि पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार था। भारत का दावा है कि समझौता दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधी communication के बाद हुआ था।

रूस के साथ बातचीत में तिरमिजी ने रूस को भारत और पाकिस्तान के बीच एक neutral mediator के रूप में देखने की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रूस के close ties के बावजूद, पाकिस्तान चाहता है कि दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध सुधरें। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा भी दोहराई — एक ऐसा step जो सामरिक रूप से भारत के साथ संबंधों के बिना असंभव है।

यह बयान तभी आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान का भारत की तारीफ में जुटना, ऐसे समय जब पूरे दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में security के मामले गरमा रहे हैं, एक रणनीतिक move लग रही है। क्या यह वास्तविक सुरक्षा चिंता है या केवल राजनयिक छवि सुधार की कोशिश? यह सवाल अभी खुला है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • स्ट्रैटजी_विश्लेषक

    परमाणु सुविधाओं पर हमला न करने की agreement तो पहले भी थी, लेकिन इस वक्त इसको याद दिलाना क्यों ज़रूरी लगा पाकिस्तान को?

  • खेल_में_दम

    अचानक भारत की तारीफ? ब्रिक्स में जाने के लिए तो image ठीक करनी पड़ेगी ना।

  • सच्चाई_की_कश्मकश

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद अचानक trust ? जब तक आतंकवाद पर स्पष्ट रुख नहीं बदलते, ये सब बातें खोखली हैं।

  • दिल्ली_का_आम_नागरिक

    हम तो बस इतना जानते हैं कि peace हो, चाहे वो राजनयिक खेल ही क्यों न हो।

  • चौकीदार_24x7

    इजरायल के हमले पर पाकिस्तान को चिंता, लेकिन अपने यहां चल रहे प्रॉक्सी हमलों पर चुप्पी क्यों?

  • रूस_समझदार

    रूस के लिए ये diplomatic balance बनाए रखने का अच्छा मौका है। भारत के करीबी संबंध, लेकिन पाकिस्तान को भी नाराज़ नहीं करना।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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