लेबनान-इजरायल की 34 साल बाद बातचीत, ट्रंप का सीजफायर का ऐलान, फिर 10वें युद्ध पर किया दावा
मध्य पूर्व में शांति की एक नई किरण के रूप में उभरते हुए, लेबनान और इजरायल के नेता 34 साल बाद पहली बार वाशिंगटन डीसी में एक साथ देखे गए। इस ऐतिहासिक मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि दोनों देशों के बीच ceasefire 16 अप्रैल को शाम 5 बजे से लागू होगा। यह 10-दिवसीय विराम इजरायल और ईरान-समर्थित हिजबुल्लाह के बीच एक महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद आया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यक्तिगत वार्ता की। उन्होंने दावा किया कि यह बातचीत peace की दिशा में एक बड़ा कदम है। ट्रंप ने कहा कि वह दोनों नेताओं को व्हाइट हाउस में आमंत्रित करेंगे — यह 1983 के बाद पहली बार होगा जब दोनों देशों के शीर्ष नेता सीधे बातचीत के लिए एक साथ आएंगे।
इस घोषणा के साथ, ट्रंप ने दावा किया कि वह 10वें युद्ध को रोकने में सफल रहे हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को निर्देश दिया कि वे संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के प्रमुख डैन रजिन केन के साथ मिलकर एक permanent peace समझौते पर काम करें।
हालांकि, दावों के बीच एक विरोधाभास भी सामने आया। लेबनान के राष्ट्रपति औन ने उसी दिन नेतन्याहू के साथ सीधे संवाद करने से इनकार कर दिया था। फिर भी, उन्होंने ट्रंप के प्रयासों के लिए thanks जताया और कहा कि इस क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि यदि ये प्रयास जारी रहे, तो संघर्ष को जल्द से जल्द रोका जा सकता है।
इस घटना का महत्व केवल द्विपक्षीय स्तर तक ही सीमित नहीं है। यह मध्य पूर्व में अमेरिका की राजनयिक भूमिका को भी दर्शाता है, जहां ईरान और अमेरिका के बीच भी इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता की संभावना है। अगले 10 दिन न केवल युद्धविराम की परीक्षा होंगे, बल्कि regional stability के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण भी होंगे।
अगर ये सीजफायर वाकई चलता है, तो यह वाकई बड़ी बात होगी। लेकिन इतिहास बताता है कि temporary ceasefires अस्थायी युद्धविराम अक्सर बस सांस लेने का मौका होते हैं।
ट्रंप हर चीज में अपनी सफलता का दावा करते हैं। क्या यह सच में उनकी कूटनीति है या सिर्फ political statement राजनीतिक घोषणा?
लेबनान के राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से बात करने से इनकार कर दिया और फिर भी ट्रंप सफलता का दावा कर रहे हैं? यह थोड़ा अजीब लग रहा है। क्या यह peace शांति या सिर्फ दिखावा है?
इतने सालों बाद बातचीत शुरू होना अच्छा है। लेकिन असली चुनौती तो अब शुरू होगी — लोगों का trust भरोसा जीतना।
मुझे उम्मीद है कि यह 10-दिन का विराम वास्तविक बदलाव की शुरुआत हो। लेकिन इतने साल के तनाव के बाद, क्या इतना कम समय काफी होगा?
ट्रंप ने जो किया, वह महत्वपूर्ण है। लेकिन क्या अमेरिका वास्तव में तटस्थ मध्यस्थ है? इसके बारे में सोचने की जरूरत है।