Bitcoin में 78,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद गिरावट, होर्मुज संकट का असर पड़ा
बिटकॉइन ने हाल ही में price के मामले में लगभग 10 सप्ताह का उच्च स्तर छुआ, जब यह 78,000 डॉलर तक पहुंच गया। लेकिन अब इसमें गिरावट आई है। यह drop अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण हुई है। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के बंद होने की आशंका से crude oil में तेजी की चिंता पैदा हो गई है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों, खासकर क्रिप्टो में दिख रहा है।
इस समय बिटकॉइन की कीमत लगभग 75,200 डॉलर पर है, जबकि दूसरी बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम 2,309 डॉलर पर trading कर रही है। हालांकि पिछले सप्ताह बिटकॉइन और इथेरियम में क्रमशः 5.84% और 5.39% की gain हुई थी, लेकिन तनाव के चलते निवेशकों ने सावधानी बरतते हुए मुनाफा बुक किया। सोलाना, एक्सआरपी और ट्रॉन जैसी क्रिप्टो में गिरावट देखी गई, जबकि बीएनबी और कार्डानो में तेजी रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिटकॉइन के लिए अगर 79,000 डॉलर के स्तर को पार करने में breakout मिलता है, तो यह 85,000 डॉलर की ओर बढ़ सकता है। लेकिन अगर समर्थन स्तर लगभग 73,000 डॉलर टूटता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि पिछले उच्च स्तर 1,26,251 डॉलर के बाद से बिटकॉइन की value में 40% से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
इस बीच, सॉफ्टवेयर कंपनी स्ट्रैटेजी (पूर्व में माइक्रोस्ट्रैटेजी) अपने बिटकॉइन reserves को बढ़ाने की योजना बना रही है। हाल ही में इसने लगभग एक अरब डॉलर में 13,927 बिटकॉइन खरीदे, जो 71,902 डॉलर प्रति बिटकॉइन की औसत दर पर था। कंपनी के पास अब कुल 7,90,897 बिटकॉइन हैं। एग्जिक्यूटिव चेयरमैन माइकल सैयर ने लगातार बिटकॉइन में institutional demand को बढ़ावा दिया है।
बिटकॉइन ईटीएफ में पिछले सप्ताह लगभग एक अरब डॉलर का inflow दर्ज किया गया। यह संकेत है कि बड़े निवेशकों का भरोसा बरकरार है। यही support बाजार को लंबे समय तक स्थिर रख सकता है, भले ही भू-राजनीतिक तनाव अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पैदा कर रहा हो।
होर्मुज की वजह से कच्चा तेल महंगा होगा, तो inflation मुद्रास्फीति बढ़ेगी। इसके बाद सेंट्रल बैंक ब्याज दरें नहीं घटाएंगे। यही क्रिप्टो के लिए बुरी खबर है।
बिटकॉइन अब सिर्फ एक स्पेकुलेशन नहीं रहा। संस्थागत निवेशक अब इसे रिजर्व के तौर पर देख रहे हैं। यह बड़ा बदलाव है।
73,000 डॉलर सपोर्ट है? अगर यह टूट गया, तो आतंक बिकवाली हो सकती है। छोटे निवेशक तो तुरंत घबरा जाते हैं।
एक अरब डॉलर का ईटीएफ प्रवाह बड़ी बात है। यह market sentiment बाजार का मनोबल दिखाता है। लेकिन ज्यादा उम्मीद मत लगाओ।
माइकल सैयर ने बिटकॉइन को बचाव की रणनीति बना दिया है। क्या यह मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव वाकई काम करेगा?
अगर कंपनियां बिटकॉइन खरीद रही हैं, तो यह corporate treasury कॉर्पोरेट खजाने में जगह बन रहा है। क्या यह अब नॉर्मल हो रहा है?