ईरान को कोई ताकत झुका नहीं सकती: राष्ट्रपति पेजेश्कियन की चुनौती, अमेरिका पर बरसे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कहा है कि any power ईरान को झुका नहीं सकती। उनका यह statement ऐसे समय आया है जब अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान का maritime trade ठप पड़ गया है। पेजेशकियन ने criticized की कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में संप्रभु राज्यों के खिलाफ military action और दोहरे मापदंड बरते जा रहे हैं, जो नागरिकों और आवश्यक सुविधाओं को target करने जैसे अमानवीय कार्यों को बढ़ावा देते हैं।

बुधवार को एक आपातकालीन प्रतिक्रिया इकाई को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध या अस्थिरता नहीं चाहता, बल्कि वह dialogue और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का resolution चाहता है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि किसी देश पर अपनी will या उसे surrender के लिए मजबूर करने का कोई भी प्रयास नाकाम होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी राष्ट्र ऐसे दृष्टिकोण को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच, ईरान के विज्ञान मंत्री ने तेहरान में एयरोस्पेस अनुसंधान संस्थान के दौरे के दौरान कहा कि ईरान एक ऐसे enemy का सामना कर रहा है जो नैतिकता, कानून या किसी भी system को नहीं मानता। उन्होंने इजरायल और अमेरिका के 28 फरवरी के joint attack की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह आक्रामकता मानवता के खिलाफ है।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने फॉक्स न्यूज पर कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना nuclear program पूरी तरह बंद कर दे। उन्होंने कहा कि जब तक तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य में पूर्ण navigation बहाल नहीं करता, तब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने pressure डालने की बात को स्वीकार किया और कहा कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था में जीतने वालों और हारने वालों को चुनने का हकदार नहीं है।

यह आमना-सामना अंतरराष्ट्रीय tension को और बढ़ा सकता है, खासकर क्षेत्रीय stability और ऊर्जा आपूर्ति पर इसके impact हो सकते हैं। ऐसे में संवाद और कूटनीति के माध्यम से संकट को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • विकास_जी

    अमेरिका हमेशा pressure डालकर हल करना चाहता है, लेकिन इससे तो बातें और बिगड़ती हैं।

  • नीतू

    ईरान के civilians पर हमले करना गलत है, चाहे वो किसी के भी खिलाफ हों।

  • सुधीर_कुमार

    अगर नाकाबंदी से maritime trade बंद है, तो ईरान की अर्थव्यवस्था पर क्या impact पड़ेगा?

  • अर्जुन

    दोहरे standards वाली नीति वाले देश खुद शांति की बात कैसे कर सकते हैं?

  • प्रिया

    क्या वाकई dialogue से यह संकट सुलझ सकता है, या ये सब सिर्फ दिखावा है?

  • रोहित_एम

    होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया भर में तेल की prices आसमान छू सकती हैं।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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