ईरान मिसाइल बेस का मलबा साफ कर रहा है, क्या फिर हमला करेगा?
ईरान अपने क्षतिग्रस्त भूमिगत मिसाइल बेसों से मलबा clearing कर रहा है, जो हालिया युद्धविराम के बीच एक ऐसी गतिविधि है जिसने अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इज़राइल के साथ दो हफ्ते के संघर्ष के बाद अप्रैल 2026 में एक अस्थायी युद्धविराम हुआ, लेकिन इसके तुरंत बाद ही satellite images में दिखाई दिया कि ईरान अपने नष्ट हुए मिसाइल ठिकानों को बहाल करने की तैयारी में जुट गया है। CNN द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में खोमिन और तबरेज़ इलाकों में इंजीनियरिंग वाहनों द्वारा टनल के मुंह से मलबा हटाने का काम जारी है।
इन भूमिगत बेसों को 'मिसाइल सिटी' कहा जाता है, जो पहाड़ों के अंदर बनी गहरी टनल्स में स्थित हैं। यहां मिसाइल लॉन्चर छिपे रहते हैं ताकि दुश्मन के aerial attacks से बचे रह सकें। लेकिन अमेरिका और इज़राइल ने संघर्ष के दौरान इन टनल प्रवेश द्वारों को सीधे निशाना बनाया, जिससे कई मुख्य एंट्री पॉइंट्स ढह गए और अंदर के लॉन्चर मलबे में दब गए। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, nearly half मिसाइल लॉन्चर अभी भी कार्यात्मक हैं, लेकिन अन्य बाहर निकलने के रास्ते ढूंढ रहे हैं।
सैटेलाइट फुटेज में एक ट्रैक्टर को मलबे को उठाकर डंप ट्रक में डालते हुए देखा जा सकता है — एक स्पष्ट संकेत कि ईरान recovery की ओर बढ़ रहा है। यह काम सिर्फ भौतिक मलबा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान की strategic posture को बरकरार रखने का प्रयास है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अपनी मिसाइल ताकत को पूरी तरह खोने से रोकना चाहता है, क्योंकि यह उसके रक्षा कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
युद्धविराम अस्थायी है और दोनों पक्ष अपने लक्ष्य प्राप्ति का दावा कर रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान की missile capability को कमजोर कर दिया है, जबकि ईरान अपनी बची-खुची ताकत को बहाल करने में लगा है। यदि तनाव फिर से बढ़ता है, तो ये बहाल किए गए लॉन्चर potential use के लिए तैयार होंगे।
इस बीच, पाकिस्तान सहित कई देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थायी शांति अभी दूर नजर आ रही है। ईरान की यह गतिविधि दिखाती है कि युद्ध भले ही रुक गया हो, लेकिन दोनों तरफ की तैयारियां जारी हैं। यह न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक serious concern है, बल्कि एक संकेत भी है कि भविष्य में फिर हमले की possibility बनी हुई है।
अगर युद्धविराम है, तो इतनी तेजी से मलबा clearance साफ करने की जरूरत क्यों? यह तो सीधा संकेत है कि वो फिर हमले के लिए तैयारी में हैं।
सैटेलाइट imagery तस्वीरें अब सचमुच युद्ध के बाद के समय में भी नजर रखने का जरिया बन गई हैं। ईरान ये सब कुछ छिपा नहीं सकता।
अमेरिका कहता है कि उसने capability क्षमता कमजोर की, लेकिन ईरान फिर भी आधे लॉन्चर बचाने में कामयाब रहा। यही तो डरावना है।
अगर टनल बंद हैं, तो लॉन्चर अंदर दबे होंगे। उनका recovery बहाली कितनी व्यावहारिक है? क्या वो फिर से काम कर पाएंगे?
हर तरफ बस तैयारी चल रही है। युद्धविराम बस एक pause विराम है, शांति नहीं।
पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है लेकिन क्या वो वाकई influence प्रभाव डाल पाएगा? ये तो बड़ी ताकतों का खेल लग रहा है।