इजरायल-लेबनान में लागू हुआ 10 दिन का सीजफायर, सातवें आसमान पर ट्रंप, बोले- 'मैंने दसवां युद्ध रुकवाया'
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के ceasefire की घोषणा हो गई है, जो आज रात 7 बजे से लागू हो जाएगा। यह घोषणा पिछले 6 हफ्तों से जारी violent conflict के बीच आई है, जिसमें हिजबुल्लाह और इजरायली सेना के बीच लगातार एयरस्ट्राइक और ग्राउंड ऑपरेशन हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद यह diplomatic move साधा और नेतन्याहू तथा लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से फोन पर बात की। ट्रंप ने दावा किया कि यह उनके कार्यकाल में रुकाया गया दसवां युद्ध है, जिससे वे public trust बहाल करने की उम्मीद कर रहे हैं।
हालांकि, शांति की यह पहल पूरी तरह से fragile है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि वे केवल अपनी शर्तों पर peace चाहते हैं। उनका मानना है कि तभी स्थायी शांति संभव है जब हिजबुल्लाह को पूरी तरह disarmed कर दिया जाए। इसी कारण इजरायल दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य उपस्थिति बरकरार रखेगा और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखेगा, भले ही सीज़फ़ायर लागू हो जाए।
दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने भी अपनी position स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि जब तक इजरायल लेबनानी भूमि से अपने सैनिक नहीं हटाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। पिछले 24 घंटों में उन्होंने इजरायली ठिकानों पर 39 छोटे military operations किए हैं। इससे साफ है कि जमीन पर tension अभी भी कायम है और सीज़फ़ायर केवल एक temporary pause है।
ट्रंप ने दोनों नेताओं को व्हाइट हाउस में आमने-सामने बैठाने की योजना बनाई है, जिसमें सीधी वार्ता के जरिए long-term solution की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी लेबनानी राष्ट्रपति से लंबी बातचीत की और शांति पहल के लिए अमेरिका की भूमिका को मजबूत किया। लेबनान ने इसके लिए अमेरिका का appreciation व्यक्त किया है।
इस पूरे संकट में, आम नागरिकों की lives डगर पर हैं। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और बुनियादी सुविधाएं बर्बाद हो गई हैं। 10 दिन के सीज़फ़ायर के बीच, यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह सच में एक real opportunity है शांति का, या बस एक राजनीतिक प्रदर्शन। समय ही बताएगा, लेकिन अभी के लिए, एक small window खुली है — और इसे बरकरार रखना दुनिया की नजर में है।
सीज़फ़ायर अच्छी खबर है, लेकिन real peace वास्तविक शांति तभी आएगी जब दोनों पक्ष जमीन छोड़ेंगे।
ट्रंप को दसवां युद्ध रोकने का दावा करने से पहले human cost मानवीय लागत पर ध्यान देना चाहिए था।
इतने सारे विस्थापित लोगों के लिए relief राहत कब शुरू होगी? सरकारें बातें करें, लेकिन जनता भुगत रही है।
हिजबुल्लाह के 39 ऑपरेशन्स दिखाते हैं कि यह pause विराम कितना नाजुक है।
अगर इजरायल दक्षिणी लेबनान पर कब्जा बरकरार रखता है, तो फिर संप्रभुता का क्या होगा?
ट्रंप की तारीफ हो रही है, लेकिन क्या यह सच में उनकी कूटनीति है या political show राजनीतिक प्रदर्शन?