इजरायल-लेबनान के नेता 34 साल बाद मिले, दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, ट्रंप ने किया ऐलान

पश्चिम एशिया में 34 साल बाद ऐतिहासिक बातचीत हुई है। लेबनान और इजरायल के नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में ceasefire की घोषणा करते हुए अपने देशों के बीच 10 दिन के conflict pause पर सहमति जताई। ट्रंप ने बताया कि लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ ऑन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी positive talks हुई, जिसके बाद यह peace effort संभव हुआ। अमेरिकी समयानुसार शाम 5 बजे से यह समझौता लागू हो गया।

ट्रंप ने बताया कि यह बातचीत 1983 के बाद पहली meaningful dialogue है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष peace चाहते हैं और वह इसे बहुत जल्द achieve कर लेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति ऑन और नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में आमंत्रित करने की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने उपराष्ट्रपति JD वैंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को लगातार इन देशों के साथ work together का निर्देश दिया ताकि स्थायी peace agreement संभव हो सके।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ ऑन ने ट्रंप के प्रयासों के लिए gratitude व्यक्त किया और कहा कि इस क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में यह घटना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने urgent call किया कि संघर्ष को जल्द से जल्द रोका जाए। ट्रंप ने लेबनान के प्रति अपने support को दोहराया और कहा कि वे इस मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

इस बीच, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायल के हमलों में अब तक 2,196 लेबनानी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें 260 महिलाएं और 172 बच्चे शामिल हैं। 7,185 लोग injured हुए हैं। यह तबाही 2 मार्च को शुरू हुई, जब हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे थे, जिसके बाद इजरायल ने military response तेज कर दी।

इस प्रकार, यह संघर्षविराम न केवल एक temporary relief है, बल्कि एक संभावित शांति प्रक्रिया की शुरुआत भी हो सकती है। हालांकि, मानवीय cost भारी रही है, और लोगों की anxiety अभी भी बनी हुई है। अगले 10 दिन इस क्षेत्र के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • राजीवजी

    अंत में कुछ positive step दिख रहा है, लेकिन 2000 से अधिक मौतें... यह कीमत बहुत ज्यादा थी।

  • सुमन23

    ट्रंप ने एक बार फिर diplomacy में अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन क्या यह सच में स्थायी होगा?

  • रवि_प्रकाश

    लेबनान के लिए तो यह lifeline जैसा है, लेकिन हिज्बुल्लाह की भूमिका अभी भी अस्पष्ट है।

  • मीरा

    इतने साल बाद बातचीत शुरू हुई... क्या यह सच में genuine peace की ओर पहला कदम है?

  • अनमोल

    अमेरिका का influence दिख रहा है, लेकिन क्षेत्रीय शक्तियों की सहमति भी जरूरी है।

  • विकास

    सीजफायर से तो relief मिलेगी, लेकिन बुनियादी मुद्दों का हल अभी बाकी है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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