8वें वेतन आयोग: ₹69000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग, NC-JCM ने क्यों किया ये ऐलान?
नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), जो केंद्र सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत की सर्वोच्च संस्था है, ने 8वें वेतन आयोग के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है जिसने सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों को हवा दे दी है। इस प्रस्ताव में minimum wage को ₹69,000 करने और fitment factor को 3.833 तक बढ़ाने की मांग शामिल है। यह न केवल बुनियादी salary में बड़ा बदलाव लाएगा, बल्कि भविष्य निधि, महंगाई भत्ता और पेंशन जैसे सभी benefits पर भी गहरा प्रभाव डालेगा।
NC-JCM के अनुसार, 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन ₹18,000 था, जो फिटमेंट फैक्टर 2.57 के आधार पर तय हुआ था। अब वे मांग कर रहे हैं कि नया फैक्टर 3.833 हो, जिससे basic pay में लगभग चार गुना वृद्धि होगी। इसके साथ ही, annual increment को 6 फीसदी किया जाए और पदोन्नति पर कम से कम ₹10,000 के लाभ के साथ दो pay hike दी जाएं। ये बदलाव कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे वित्तीय दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
फिटमेंट फैक्टर का मतलब है कि मौजूदा वेतन में एक निश्चित गुणक लगाया जाए। यह गुणक inflation , जीवन निर्वाह लागत और आर्थिक स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। यदि सरकार इस मांग को मानती है, तो इसका असर सीधे तौर पर केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख employees और 65 लाख pensioners पर पड़ेगा। इससे public trust और सरकारी नौकरशाही की morale में उछाल आ सकता है।
इसके अलावा, कुछ डाक संगठनों ने महंगाई भत्ते (DA) को merge करने की मांग की है, ताकि यह स्थायी income का हिस्सा बन जाए। विश्लेषकों का मानना है कि फैक्टर 2.5 से ऊपर होगा, लेकिन 3.833 जैसी मांग सरकारी budget पर भारी दबाव डाल सकती है। फिलहाल, 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि यह नवंबर 2025 तक अपनी recommendation दे सकता है। इस दौरान, कर्मचारी समूह लगातार pressure बनाए हुए हैं।
अगर ये मांग मान ली गई तो पेंशन में भी बहुत फर्क पड़ेगा। फिटमेंट फैक्टर directly सीधे पेंशन कैलकुलेशन पर असर डालता है।
₹69,000 न्यूनतम वेतन तो बहुत बढ़िया है, लेकिन inflation महंगाई के हिसाब से ये अब भी कम नहीं है?
NC-JCM की मांग तो तर्कसंगत लग रही है, लेकिन क्या सरकार इतने बड़े financial burden वित्तीय बोझ को उठा पाएगी? बजट पर असर पड़ेगा।
हमें तो सिर्फ इतना चाहिए कि DA जल्दी से merge विलय हो जाए। बाकी बातें तो बहुत दूर की हैं।
3.833 फिटमेंट फैक्टर लगभग 50% बढ़ोतरी के बराबर है। इसका economic impact आर्थिक प्रभाव बहुत गहरा होगा।
क्या निजी क्षेत्र के कर्मचारियों पर भी इसका indirect effect अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा? उनकी salary negotiation वेतन वार्ता मजबूत हो सकती है।