फॉगिंग अब तीन पालियों में: मच्छरों पर निगम का बड़ा एक्शन
रांची नगर निगम के आयुक्त सुशांत गौरव ने मच्छर जनित बीमारियों के risk को देखते हुए फॉगिंग की पालियों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों की spread को रोकने के लिए यह decision लिया गया है। स्वास्थ्य शाखा के साथ हुई बैठक में यह समीक्षा की गई कि अभी तक के उपाय effective हैं या नहीं।
अब तीन पालियों में फॉगिंग करके शहर के अधिक से अधिक क्षेत्रों को कवर करने का plan है। नगर आयुक्त ने pressure डाला कि फॉगिंग गाड़ियों की frequency और कार्यक्षेत्र बढ़ाया जाए ताकि जल्दी से जल्दी coverage पूरा हो सके। खासतौर पर स्लम, झाड़ियों और गंदे क्षेत्रों में लगातार काम होना चाहिए।
फॉगिंग के साथ-साथ नालियों और खुले पानी के स्रोतों में anti-larva दवा का छिड़काव भी जारी है। इसके अलावा, मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान कर सफाई करने पर भी focus किया जा रहा है। विशेष मॉनिटरिंग टीम का गठन कर प्रतिदिन के आधार पर field visit कराई जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास की सफाई बनाए रखें और पानी जमा न होने दें। नगर आयुक्त ने कहा कि जागरूकता अभियान के जरिए public को मच्छर प्रजनन के sources के बारे में बताया जाए। जलजमाव वाले क्षेत्रों को तत्काल clear करने का निर्देश भी दिया गया है।
कांके रोड, लोअर वर्दमान कंपाउंड, लालपुर, कोकर, भाभा नगर और हवाई नगर जैसे क्षेत्रों में पहले ही फॉगिंग की जा चुकी है। आयुक्त ने सभी वार्डों में व्यापक cleaning अभियान चलाने और व्यावसायिक क्षेत्रों सहित हर मार्ग को कवर करने को कहा। स्वास्थ्य अधिकारी और सैनिटरी सुपरवाइजर इस कार्य में सीधे शामिल हैं।
तीन पालियों में फॉगिंग अच्छा step कदम है, लेकिन लोगों को घरों में पानी जमा न करने के लिए कैसे motivate प्रेरित करेंगे?
जलजमाव के स्रोत साफ करने पर focus फोकस बहुत जरूरी है। फॉगिंग से तो मच्छर मरते हैं, लेकिन अंडे बच जाते हैं।
हमारे इलाके में तो अब तक कोई action कार्रवाई नहीं हुई। ये report रिपोर्ट बस कागजों तक सीमित रहे तो कुछ नहीं होगा।
तीन पालियों का मतलब है अधिक cost लागत। क्या बजट में इसका प्रावधान है? ये pressure दबाव कर्मचारियों पर भी तो पड़ेगा।
फॉगिंग से तुरंत relief राहत मिलती है, लेकिन लंबे समय में स्रोत कम करना ही समाधान है।
सफाई अभियान चलाना good अच्छा है, लेकिन इसे sustain जारी रखने की जरूरत है।