होर्मुज जलडमरूमध्य पर झुका ईरान, ओमान के रास्ते जहाजों को मिल सकती है मंजूरी, अमेरिका के सामने रखी पेशकश
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के रुख में हो रहे change के संकेतों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, ईरान ओमान की ओर वाले हिस्से से जहाजों को freely गुजरने की permission देने पर विचार कर रहा है, बशर्ते अमेरिका के साथ एक व्यापक agreement हो जाए। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है।
इस बीच, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर blockade जारी रखी है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, पहले 48 घंटों में कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना की लाइन पार नहीं कर पाया। नौ जहाजों ने response में अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए वापस मुड़कर ईरानी तट की ओर प्रस्थान किया। यह कदम अंतरराष्ट्रीय pressure को बढ़ा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को open रखने की गारंटी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन इससे खुश है, क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था इस जलमार्ग पर निर्भर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़ाई से बेहतर solution हमेशा प्राथमिकता रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह offer एक रणनीतिक move हो सकती है, जिसके जरिए वह आर्थिक sanctions के दबाव को कम करना चाहता है। यह भी संभावना है कि ओमान, जो ऐतिहासिक रूप से तटस्थ रहा है, इस प्रक्रिया में मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, इस समझौते के लिए दोनों पक्षों के बीच गहन विश्वास की आवश्यकता है। वर्षों से चले आ रहे विवादों और राजनयिक तनाव के बीच एक ऐसा trust बनाना आसान नहीं होगा। फिलहाल, दुनिया की आंखें तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हो रही गुप्त बातचीत पर टिकी हैं।
अगर यह समझौता हो जाता है, तो तेल की market price बाजार कीमत में गिरावट आ सकती है।
ईरान बस economic pressure आर्थिक दबाव से बचना चाहता है। इस पेशकश में वास्तविक बदलाव नहीं है।
होर्मुज पर तनाव कम होने से भारत जैसे आयातक देशों को बड़ी राहत मिलेगी।
अमेरिकी नाकाबंदी अभी भी चल रही है, यह दिखाता है कि military presence सैन्य उपस्थिति अभी भी निर्णायक है।
प्रतिबंध हटने का मतलब है कि ईरान को international support अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल सकता है।
क्या ओमान वाकई इतनी बड़ी भूमिका निभा पाएगा? neutral तटस्थ रहना आसान है, मध्यस्थ बनना नहीं।