इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार रात इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की, जो भारतीय समयानुसार तड़के 3:30 बजे लागू हो गया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बताया कि इस समझौते के तहत दोनों देशों के नेता — इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ खलील औन — ने सहमति जताई है। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते tensions के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक breakthrough माना जा रहा है।

हालांकि, यह स्थिरता नाजुक है। लेबनान की शिया समूह हिजबुल्ला ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम की सफलता इजरायल के response और व्यवहार पर निर्भर करेगी। एक वरिष्ठ लेबनानी सांसद ने कहा कि ईरान के diplomatic efforts ने इस समझौते को संभव बनाया। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसका स्वागत करते हुए अमेरिका, फ्रांस और कतर सहित कई देशों को credit दिया।

इस लंबे संघर्ष में अब तक 2,196 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से ज्यादा लोग displaced हो गए हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान को शेष भूमि से जोड़ने वाले आखिरी पुल को नष्ट कर दिया, जिससे humanitarian access पहुंचने में और बाधा आएगी। सेना ने दावा किया कि हिजबुल्ला के 70 ठिकाने एक मिनट में नष्ट कर दिए गए, जबकि हिजबुल्ला ने 24 घंटे में इजरायल के 39 सैन्य ठिकानों पर हमले किए।

इस बीच, ट्रंप ने नेतन्याहू और औन को व्हाइट हाउस में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है, जो 1983 के बाद पहली bilateral talks हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि यह अस्थायी रोक एक permanent peace की ओर पहला कदम है। वहीं, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने की चेतावनी दी है, जिसमें जहाजों पर firing तक की संभावना शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की अपील की, जहां अब तक 14 तेल टैंकर अमेरिकी धमकी के बाद वापस मुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग की security और परिचालन स्वतंत्रता दोनों जरूरी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर संघर्ष समाप्ति के लिए प्रयासों पर चर्चा की।

प्रतिक्रियाएँ 6

  • अर्जुन

    अगर युद्धविराम सिर्फ 10 दिन का है, तो बेघर हुए लोगों के लिए इसका क्या practical impact होगा? बस एक छोटी सांस?

  • नेहा

    ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने 10 युद्ध रोके हैं, लेकिन उसी दौरान इजरायल ने पुल तोड़ दिया? यह contradiction किस तरह जायज ठहराया जाएगा?

  • विक्रम

    होर्मुज के मामले में अमेरिका की warning साफ है — नाकाबंदी तोड़ोगे तो गोली मार देंगे। यह बहुत खतरनाक precedent बन सकता है।

  • सुमन

    हिजबुल्ला का रुख समझने जैसा है — वे कह रहे हैं कि यह सिर्फ इजरायल की commitment पर निर्भर करता है। कोई भी रुकावट बेकार है अगर हमले जारी रहें।

  • राहुल

    चीन ने बहुत समझदारी से बात की — न तो ईरान की संप्रभुता को नजरअंदाज किया, न ही वैश्विक व्यापार की supply chain को अनदेखा किया।

  • मीरा

    क्या वाकई ट्रंप शांति चाहते हैं, या बस 2024 के चुनावों से पहले positive headlines चाहिए? इसकी timing बहुत कुछ कहती है।

यह लेख तथ्यों पर आधारित है और अंग्रेज़ी सीखने के लिए पुनर्रचित किया गया है; पाठक प्रतिक्रियाएँ विविध दृष्टिकोणों के उदाहरण हैं।

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