नए CM पर प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया, 'ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया है जिसका…'
बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद जन सुराज पार्टी के सूत्रधार reaction देते हुए प्रशांत किशोर ने तीखा criticism किया है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया गया है, उसका न तो character है, न conduct , और न ही image लोकतंत्र के लिए स्वीकार्य। उनका तंज था कि अब बिहार को गुजरात से governed ।
किशोर ने बिना नाम लिए कहा कि जो व्यक्ति आज मुख्यमंत्री बने हैं, उनकी personality की बजाय remote control की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि power की चाबी और टीवी रिमोट दोनों अमित शाह के पास होंगे। इस टिप्पणी में central control की आशंका झलकती है, जो राज्य की autonomy पर सीधा impact डाल सकता है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी, जो knowledge की भूमि बिहार में claim करती है, ने अब एक ऐसी सौगात दी है जो चर्चा के केंद्र में है। किशोर का warning था कि बिहार के युवा अब गुजरात की फैक्ट्रियों में laborers बनकर रहेंगे, जबकि वहां के लोग मालिक बने रहेंगे। इसमें आर्थिक dependence की चिंता छिपी है।
इसके विपरीत, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सम्राट चौधरी का चयन unanimously से हुआ है और वे प्रधानमंत्री के vision और नीतीश कुमार के footsteps पर चलेंगे। मंत्री श्रवण कुमार ने नए सीएम से टॉप 5 राज्यों में बिहार को ले जाने की अपेक्षा जताई। सांसद शांभवी चौधरी ने नीतीश युग के अंत को अस्वीकार करते हुए नए नेतृत्व को congratulations दी।
इस पूरी घटना में राजनीतिक transition के साथ-साथ public trust की बात उठ रही है। एक तरफ नई उम्मीदें हैं, तो दूसरी ओर skepticism भी। बिहार के भविष्य पर अब दोनों narratives का clash होगा।
रिमोट कंट्रोल का metaphor रूपक तो बिल्कुल सही है। अगर चाबी दिल्ली में है, तो CM का role काम सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़ने जैसा होगा।
क्या सम्राट चौधरी अपनी voice आवाज बुलंद कर पाएंगे या सब कुछ top-down ऊपर से नीचे तय होगा?
प्रशांत किशोर ने नाखून में कीला ठोंका। बिहार के लड़के गुजरात में migrant labor प्रवासी मजदूर कब तक बनते रहेंगे?
नीतीश कुमार के legacy विरासत के नाम पर तो सब बधाई दे रहे हैं, लेकिन काम में क्या follow through पीछा करना होगा, यह कोई नहीं बता रहा।
NDA के भीतर power balance ताकत का संतुलन अब और साफ हो गया है। state leadership राज्य नेतृत्व की आड़ में केंद्र का control कंट्रोल।
चाहे जो भी हो, नए CM को chance मौका तो देना चाहिए। शायद वे prove साबित कर दें कि सब doubt संशय गलत थे।