प्राकृतिक गैस पर बड़ी राहत! भारत को मिला LPG संकट से छुटकारा, अब Gas के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, जानें क्या है नया फॉर्मूला?
प्राकृतिक गैस को लेकर भारत के लिए वैश्विक market से एक बड़ी राहत की खबर आई है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस कीमतों में उतार-चढ़ाव ने आयात पर निर्भर देशों को pressure में डाला था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण गैस की कीमतें पहले 25 डॉलर प्रति MMBTU तक पहुंच गई थीं, लेकिन अब इसमें लगभग 50 फीसदी की drop आई है और यह 16 डॉलर के आसपास पहुंच गई है। इससे भारत जैसे देश को सस्ती दरों पर गैस की खरीदारी का opportunity मिला है।
इस price में गिरावट का फायदा उठाते हुए भारत ने तुरंत रणनीति बदल दी है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, गेल इंडिया और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी कंपनियों ने अप्रैल से जून तक की डिलीवरी के लिए गैस के सौदे किए हैं। ट्रेडर्स के अनुसार, ये खरीदारी लगभग 16 डॉलर प्रति MMBTU की दर से हुई है। यह एक महत्वपूर्ण move है क्योंकि पिछले कुछ समय में ऊंची कीमतों के कारण भारत ने स्पॉट मार्केट से खरीदारी लगभग paused कर दी थी।
भारत अपनी कुल गैस आवश्यकता का लगभग 60 फीसदी हिस्सा आयात करता है, जिसमें कतर, UAE और अमेरिका प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। इसलिए, कीमतों में स्थिरता या गिरावट सीधे तौर पर domestic एलपीजी कीमतों और ऊर्जा लागत पर असर डालती है। अब बढ़ी खरीदारी से न केवल एलपीजी सप्लाई में सुधार की उम्मीद है, बल्कि भविष्य के लिए भंडार भी increased जा सकता है, जिससे आगे के संकट का सामना आसानी से किया जा सकेगा।
हालांकि, यह relief स्थायी नहीं हो सकती। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बने हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और कतर के एलएनजी सुविधाओं पर हालिया घटनाओं ने सप्लाई चेन को कमजोर बनाया है। अगर कोई नई घटना आती है, तो कीमतें फिर से तेजी से बढ़ सकती हैं। इसलिए, भारत के लिए अभी की गई खरीदारी एक समयबद्ध strategy का हिस्सा लगती है, जो न केवल तत्काल demand को पूरा करती है, बल्कि भविष्य के risk को कम करने में भी मदद कर सकती है।
अगर price कीमत इतनी कम है, तो सरकार घरेलू सिलेंडर की subsidy सब्सिडी क्यों नहीं बढ़ा रही? आम आदमी तक फायदा कब तक पहुंचेगा?
यह सौदा वाकई smart समझदारी भरा है। जब बाजार में अस्थिरता थी, तो हमने खरीदारी रोक दी थी। अब गिरावट में खरीदना सही समय पर सही decision फैसला है।
इतनी उम्मीदें हैं, लेकिन क्या यह relief राहत सच में आएगी? पिछली बार भी कहा गया था कि एलपीजी सस्ती होगी, लेकिन बिल वैसे ही आते रहे।
गैस की कीमत में गिरावट से उद्योगों की लागत कम होगी, जिससे मुद्रास्फीति पर भी असर पड़ सकता है। यह आर्थिक रूप से बहुत positive सकारात्मक संकेत है।
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा तो क्या होगा? यह तो temporary अस्थायी राहत लग रही है। लंबे समय के लिए ऊर्जा सुरक्षा की जरूरत है।
मुझे उम्मीद है कि अगले महीने सिलेंडर की bill बिल में कमी दिखे। अब तक तो हर चीज की कीमत बढ़ी है, कम से कम गैस तो stable स्थिर रहे।